लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि राजस्थान गौ संरक्षण एवं संवर्धन निधि नियमों के तहत पात्र गौशालाओं में संधारित गौवंश के लिए चारा-पानी, पशु आहार एवं आधारभूत परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु सहायता राशि प्रदान की जाती है। गौवंश के चिकित्सकीय कार्य निकटतम पशु चिकित्सा संस्थान द्वारा किए जाते हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वर्ष 2024-25 के द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रदेश की 3,174 पात्र गौशालाओं में संधारित गौवंश के लिए 784.43 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की गई है।
गोपालन मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक हंसराज पटेल द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे।
नंदीशाला जन सहभागिता योजना
मंत्री ने बताया कि पंचायत समिति नंदीशाला जन सहभागिता योजना के तहत निराश्रित एवं नर गौवंश को आश्रय देने के लिए राज्य की प्रत्येक पंचायत समिति में आधारभूत परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु 1 करोड़ 57 लाख रुपये का प्रावधान है।
इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा अनुदानित एवं तीन वर्ष का अनुभव रखने वाली गौशालाएं आवेदन कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 70 नंदिशालाएं स्थापित की गई हैं, जिनके लिए 70.02 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।
स्टाम्प ड्यूटी और शराब अधिभार से अनुदान
गोपालन मंत्री ने अपने लिखित जवाब में बताया कि पंजीकृत गौशालाओं को स्टाम्प ड्यूटी एवं शराब पर अधिभार से प्राप्त राजस्व से अनुदान दिया जाता है।
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वर्ष 2022: 1058.03 करोड़ प्राप्त, 750.87 करोड़ वितरित
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वर्ष 2023: 1210.82 करोड़ प्राप्त, 733.15 करोड़ वितरित
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वर्ष 2024: 1374.76 करोड़ प्राप्त, 1232.53 करोड़ वितरित
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वर्ष 2025: 1558.32 करोड़ प्राप्त, 1280.28 करोड़ वितरित
कोटपूतली क्षेत्र में नंदीशाला नहीं बन सकी
उन्होंने बताया कि कोटपूतली विधानसभा क्षेत्र की पंचायत समितियों में नंदीशाला स्थापना के लिए तीन बार निविदाएं आमंत्रित की गईं। एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ, लेकिन विभागीय दिशा-निर्देशों एवं ई-बोली की शर्तों की पूर्ति नहीं होने के कारण संस्था अपात्र घोषित हुई, जिससे नंदीशाला की स्थापना नहीं हो सकी।
