लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बुधवार को उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा राज्य का बजट प्रस्तुत किया गया, जिसे संविदा कर्मियों, पंचायत शिक्षकों एवं विद्यालय सहायकों के लिए निराशाजनक बताया गया है।
पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक संघ के प्रदेश संरक्षक देवी सिंह देवल ने कहा कि संविदा कर्मियों को इस बजट से नियमितीकरण की घोषणा की उम्मीद थी। साथ ही संविदा सेवा नियम 2022 में दो वर्ष के कार्य अनुभव में छूट तथा मानदेय वृद्धि की भी आशा जताई जा रही थी, लेकिन बजट में इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई।
उन्होंने बताया कि पंचायत सहायकों ने वर्ष 2017 से अल्प मानदेय पर कार्य शुरू किया था। बाद में 2022 से वे संविदा सेवा नियम 2022 के तहत पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक के रूप में कार्य कर रहे हैं। नाम परिवर्तन के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
संविदा कर्मी लंबे समय से नियमितीकरण और मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे हैं। बजट में इन मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने से कर्मचारियों में निराशा का माहौल है।