लोक टुडे न्यूज नेटवर्क – रितु मेहरा
शारदीय नवरात्रि का आठवाँ दिन –
शारदीय नवरात्रि का आठवाँ दिन देवी दुर्गा के अष्टम स्वरूप माँ महागौरी को समर्पित होता है। यह दिन विशेष रूप से सिद्धि, सौभाग्य और मनोकामना पूर्ति का प्रतीक माना जाता है।
कौन सी देवी की पूजा होती है?
आठवें नवरात्र पर माँ महागौरी की पूजा की जाती है।
इनका वर्ण अत्यंत गोरा और उज्ज्वल है, इस कारण इनका नाम महागौरी पड़ा।वे चार भुजाओं वाली, श्वेत वस्त्र धारण किए हुए और सफेद वृषभ (बैल) पर सवार रहती हैं।इनके एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में डमरू तथा शेष दो हाथ अभय और वर मुद्रा में होते हैं।
माँ महागौरी के प्रमुख मंदिर
भारत में कई स्थानों पर माँ महागौरी के प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं—
1. गौरीकुंड (उत्तराखंड) – यहाँ माँ महागौरी की तपस्थली मानी जाती है।
2. वाराणसी (उत्तर प्रदेश) – काशी में अन्नपूर्णा और महागौरी शक्ति पीठ के रूप में पूजनीय हैं।
3. जयपुर (राजस्थान) – गलता जी क्षेत्र में महागौरी माता का मंदिर प्रसिद्ध है।
4. गुजरात और मध्यप्रदेश – कई शक्ति पीठों पर माँ महागौरी का स्वरूप स्थापित है।
माँ महागौरी से जुड़ी मान्यता-पौराणिक मान्यता के अनुसार—
माँ पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। लंबे तप से उनका शरीर काला और कमजोर हो गया।तपस्या से प्रसन्न होकर शिव जी ने गंगा जल से उनका शरीर स्नान कराया, जिससे उनका रूप अत्यंत गोरा और सुंदर हो गया।
तभी से वे महागौरी कहलाने लगीं।
ऐसा माना जाता है कि माँ महागौरी जीवन के सभी पापों और दुखों का नाश करती हैं।
आठवें नवरात्र का पूजा विधान
1. प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
2. कलश, दीप और माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने बैठकर पूजा आरंभ करें।
3. माँ महागौरी की प्रतिमा या स्वरूप को सफेद वस्त्र, सफेद पुष्प, अक्षत, चंदन और गंगाजल से पूजें।
4. दूध, मिठाई, नारियल और हलवा-पूरी का भोग लगाएँ।
5. कन्याओं को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लें, यह विशेष फलदायी माना जाता है।
6. “ॐ देवी महागौर्यै नमः” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता हाै
आज की पूजा का महत्व
माँ महागौरी की पूजा से मन, वचन और कर्म की पवित्रता प्राप्त होती है।विवाहित स्त्रियों को सौभाग्य और अखंड सुहाग का वरदान मिलता है। कुंवारी कन्याओं को योग्य वर की प्राप्ति होती है।भक्त के जीवन से सारे कष्ट दूर होकर सुख-समृद्धि आती है।
आठवें नवरात्र पर माँ महागौरी की आराधना जीवन से अज्ञान और अंधकार को मिटाकर उज्ज्वलता का मार्ग प्रशस्त करती है। इस दिन की पूजा विशेष रूप से पवित्रता, धैर्य और मनोकामना पूर्ति के लिए की जाती है।
