लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भाजपा कार्यालय पर कालिख पोती; 12 प्रदर्शनकारी हिरासत में
युवा कांग्रेस ने मांगा प्रदेशाध्यक्ष का इस्तीफा, भाजपा ने सुरक्षा गार्ड से धक्का-मुक्की, जातिसूचक शब्दों और जान से मारने की धमकी देने का लगाया आरोप
राजस्थान से वरिष्ठ संवाददाता : नितिन मेहरा
अजमेर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को लेकर दिए गए कथित बयान पर राजस्थान में राजनीतिक विवाद गहरा गया है। शनिवार को अजमेर में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के जिला कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यालय की दीवारों पर कालिख पोतने और इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर चिपकाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मौके से 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। दूसरी ओर, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सोनी ने प्रदर्शनकारियों पर कार्यालय में जबरन घुसने, सुरक्षा गार्ड से धक्का-मुक्की करने और एक कर्मचारी के साथ अभद्रता करने के आरोप लगाते हुए सिविल लाइंस थाने में शिकायत दी है।
युवा कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक और अजमेर यूथ कांग्रेस के पूर्व जिला मुखिया मोहित मल्होत्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ता भाजपा के जिला कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने मदन राठौड़ के कथित बयान को लेकर नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यालय की दीवारों पर कालिख पोती गई और परिसर में विरोध संबंधी पोस्टर चिपकाए गए। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की कथित टिप्पणी राष्ट्रीय हितों के विपरीत है। हालांकि, बयान के सटीक संदर्भ और आधिकारिक रिकॉर्ड की पुष्टि के बिना इसे अंतिम रूप से पाकिस्तान समर्थक बयान करार देना उचित नहीं होगा।
पुलिस ने 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
भाजपा कार्यालय के बाहर हंगामे और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की आशंका के बीच पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इसके बाद कार्यालय की दीवारों पर पोती गई कालिख साफ करवाई गई और पोस्टर हटाए गए। मामले में पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
भाजपा जिला अध्यक्ष पहुंचे थाने, लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सोनी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ सिविल लाइंस थाने पहुंचे। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया कि युवा कांग्रेस से जुड़े करीब 15 से 20 कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय परिसर में पहुंचे और वहां तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ धक्का-मुक्की करते हुए जबरन अंदर घुस गए।
भाजपा का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और दीवारों पर आपत्तिजनक बातें लिखीं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय में मौजूद एक कर्मचारी के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
ये आरोप भाजपा की शिकायत पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा विवाद
मदन राठौड़ के कथित बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी बन गया है। युवा कांग्रेस जहां प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग कर रही है, वहीं भाजपा ने प्रदर्शन के तरीके और कथित दुर्व्यवहार पर कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक बयान पर सवाल उठाना और विरोध दर्ज कराना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन किसी भी विरोध प्रदर्शन में कानून का पालन और सार्वजनिक या निजी संपत्ति की सुरक्षा भी जरूरी है। अब मामले में पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि प्रदर्शन के दौरान क्या-क्या हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।