लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क।
“2010 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज ‘100 मीटर फार्मूला’ को 2024 में भाजपा सरकार ने सही क्यों ठहराया?”
“अरावली जीवनरेखा है, रेगिस्तान को फैलने से रोकती है”
जयपुर | पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अरावली संरक्षण के मुद्दे पर केंद्र के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और भाजपा नेता राजेन्द्र राठौड़ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार अवैध खनन माफिया को बचाने के लिए झूठे बयानों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि “सच्चाई सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है और भाजपा उसे छिपाने की कोशिश कर रही है।”
2010 बनाम 2024: आखिर ‘100 मीटर परिभाषा’ का सच क्या है?
गहलोत ने कहा कि वर्ष 2003 में विशेषज्ञ समिति ने आजीविका के दृष्टिकोण से ‘100 मीटर’ सीमा की सिफारिश की थी। इस परिभाषा को 16 फरवरी 2010 को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तीन दिन बाद ही 19 फरवरी 2010 को इसे खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा:
“हमारी सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए इसे तुरंत स्वीकार किया और फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया से उचित मैपिंग करवाई। पहली बार रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट इमेजरी के आधार पर अवैध खनन की वैज्ञानिक मॉनिटरिंग शुरू की गई।”
कांग्रेस सरकार ने 15 जिलों में सर्वे के लिए 7 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया और अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी एसपी और जिला कलेक्टर को सौंपकर कार्रवाई को तेज किया।
गहलोत ने सवाल उठाया:
“सुप्रीम कोर्ट जिस परिभाषा को 2010 में ही अस्वीकार कर चुका था, उसी को भाजपा सरकार ने 2024 में केंद्र सरकार की समिति के सामने क्यों रखा? क्या यह किसी दबाव में हुआ या इसके पीछे कोई बड़ा खेल छिपा है?”
आंकड़े बोलते हैं: कांग्रेस की सख्ती बनाम भाजपा की ढिलाई
गहलोत ने दोनों सरकारों की कार्रवाई के आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि कांग्रेस ने खनन माफिया पर नकेल कसी, जबकि भाजपा सरकार ने कार्रवाई को ढीला कर दिया है।
1. जुर्माना वसूली
कांग्रेस सरकार (2019–24): 464 करोड़ रुपये
भाजपा सरकार (2013–18): 200 करोड़ रुपये
(कांग्रेस के कार्यकाल में वसूली दोगुने से अधिक)
2. FIR दर्ज — कांग्रेस की तेज कार्रवाई बनाम भाजपा की सुस्ती
कांग्रेस सरकार ने 5 वर्षों में 4,206 FIR दर्ज कीं।
2019–20: 930
2020–21: 760
2021–22: 1,305
भाजपा सरकार (2024–25) पहले ही साल में केवल 508 FIR दर्ज कर पाई।
गहलोत ने कहा,
“FIR में भारी गिरावट साफ दर्शाती है कि भाजपा सरकार खनन माफिया के प्रति नरम है और इसी कारण उनके हौसले बुलंद हो रहे हैं।”
“अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं, राजस्थान की जीवनरेखा है”
गहलोत ने कहा कि अरावली प्रदेश को मरुस्थल बनने से बचाती है।
“भूपेंद्र यादव जी राजस्थान से आते हैं, उनसे उम्मीद थी कि अरावली के रक्षक बनेंगे, लेकिन वे इसके विनाश को उचित ठहराने में लगे हैं।”
उन्होंने कहा कि खेजड़ली के बलिदान की भावना के साथ प्रकृति की रक्षा करना हर राजनेता और नागरिक की जिम्मेदारी है।
यदि आप चाहें तो मैं इसका संक्षिप्त संस्करण, सोशल मीडिया ग्राफिक्स के लिए पॉइंट-वाइज कंटेंट, टेलीप्रॉम्प्टर स्क्रिप्ट, या टीवी एंकर रीडिंग स्क्रिप्ट भी तैयार कर सकता हूँ।