Home latest गहलोत का भजनलाल पर पलटवार: बोले- मुख्यमंत्री ने मर्यादाएं लांघीं

गहलोत का भजनलाल पर पलटवार: बोले- मुख्यमंत्री ने मर्यादाएं लांघीं

0

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

जोधपुर में दिए बयान से उनकी छवि को पहुंचा नुकसान

दीपावली की शुभकामनाओं के साथ पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री के आरोपों का दिया सिलसिलेवार जवाब, बोले- पांच साल की उम्र में इन्हें कैसे पता खाद-बीज असली थे या नकली? मुझसे या जनता से माफी मांगें भजनलाल शर्मा

जोधपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से हाल ही में लगाए गए आरोपों पर खुलकर जवाब दिया। गहलोत ने मुख्यमंत्री के बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में कुछ मर्यादाएं होती हैं, जिनका पालन हर व्यक्ति को करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जोधपुर में जिस तरह की टिप्पणियां कीं, उससे उनकी अपनी छवि को नुकसान पहुंचा है।

गहलोत ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के बयान से व्यक्तिगत रूप से पीड़ा हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच भी एक सम्मानजनक संबंध बने रहने चाहिए। जब भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्होंने स्वयं उनसे मुलाकात की थी और पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत तथा वसुंधरा राजे के साथ अपने संबंधों का उदाहरण देते हुए समझाया था कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आपसी सम्मान बनाए रखना जरूरी है।

‘आलोचना करना विपक्ष का काम, लेकिन व्यक्तिगत आरोपों की भी सीमा होती है’

गहलोत ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए सरकार की आलोचना करना उनका अधिकार और जिम्मेदारी है। यदि विपक्ष सरकार की आलोचना नहीं करेगा तो फिर कौन करेगा? लेकिन राजनीतिक आलोचना और व्यक्तिगत टिप्पणियों के बीच अंतर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जोधपुर में अचानक जिस तरह का बयान दिया, उसकी उनसे उम्मीद नहीं थी। इसी कारण उन्होंने उस समय कहा था कि उन्हें पीड़ा पहुंची है।

‘मैंने खाद-बीज की दुकान खोली, तब मुख्यमंत्री की उम्र तीन-चार साल थी’

मुख्यमंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए गहलोत ने खाद-बीज की दुकान से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने जोधपुर में खाद-बीज की दुकान खोली थी, उस समय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उम्र लगभग तीन-चार साल रही होगी। गहलोत ने सवाल उठाया कि इतनी कम उम्र में मुख्यमंत्री को कैसे पता चला कि उस समय खाद-बीज असली थे या नकली और उन्हें ब्लैक में बेचा गया था या नहीं?

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का जोधपुर में दिया गया भाषण उनके लिए अप्रत्याशित था। पहले उन्हें लगा कि शायद भावावेश में मुख्यमंत्री से कुछ बातें निकल गई होंगी या किसी ने उन्हें पर्ची देकर कुछ पढ़वा दिया होगा। लेकिन जब बाद में भी उन आरोपों को दोहराया गया तो उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि वे या तो जनता के सामने तथ्यों के साथ आरोप साबित करें, या उन्हें व्यक्तिगत रूप से तथ्य बताएं अथवा अपने बयान के लिए माफी मांगें।

शिखर अग्रवाल के मुद्दे पर भी साधा निशाना

गहलोत ने जयपुर में मुख्यमंत्री की ओर से की गई टिप्पणियों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनके आरोपों से गहलोत तिलमिला गए हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि शिखर अग्रवाल को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों और मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों के नाम सामने आने से मुख्यमंत्री खुद असहज हुए हैं।

गहलोत ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पहले भी सलाह दी थी कि परिवार को राजनीतिक विवादों और सत्ता के कामकाज से दूर रखना चाहिए। उन्होंने अपने तीन मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल का अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब भी उन्हें कई तरह की बातें सुननी पड़ी थीं। उन्होंने भजनलाल शर्मा को सलाह दी थी कि भगवान ने उन्हें पहली बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया है, इसलिए सभी को साथ लेकर चलें और परिवार को विवादों से दूर रखें।

‘राजस्थान के गांव-गांव में हो रही है चर्चा’

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के जोधपुर में दिए गए बयान पर केवल मारवाड़ ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान में प्रतिक्रिया हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांवों में इस बयान को लेकर चर्चा और नाराजगी है। दिल्ली में भी कई लोगों ने उनसे इस घटनाक्रम को लेकर सवाल किए और आश्चर्य जताया कि मुख्यमंत्री स्तर पर इस तरह की टिप्पणी कैसे की जा सकती है।

गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए। यदि उन्हें लगता है कि भावावेश में कुछ गलत बोल दिया तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उनसे माफी मांगें या प्रदेश की जनता से माफी मांग लें, जनता उन्हें माफ कर देगी। अन्यथा जनता इस मामले को आसानी से भूलने वाली नहीं है।

दीपावली पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच गहलोत ने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सभी परिवारों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने जोधपुरवासियों सहित पूरे राजस्थान के लोगों के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच हालिया बयानबाजी के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जोधपुर एयरपोर्ट पर गहलोत की प्रतिक्रिया से साफ है कि उन्होंने मुख्यमंत्री के बयानों को केवल राजनीतिक आलोचना नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच स्थापित सार्वजनिक मर्यादाओं से जुड़ा मुद्दा बनाया है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version