लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
मेवाड़ चैंबर व ईपीएफओ के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना पर कार्यशाला आयोजित
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के उदयपुर संभागीय आयुक्त पी.के. सिन्हा ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग देश की आर्थिक उन्नति का ड्राइविंग इंजन है। भीलवाड़ा का टेक्सटाइल सेक्टर राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के रोजगार सृजन में अहम योगदान दे रहा है।
वे सोमवार को मेवाड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना पर कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
सिन्हा ने बताया कि इस योजना के तहत साढ़े तीन करोड़ नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। चूंकि टेक्सटाइल सेक्टर मुख्य रोजगार प्रदाता उद्योग है, इसलिए इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा में अभी भी 360 उद्योग योजना में अपंजीकृत हैं, जिन्हें चिन्हित कर पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
भीलवाड़ा में क्षेत्रीय कार्यालय की मांग
कार्यक्रम में मेवाड़ चैंबर के मानद महासचिव आर.के. जैन ने कहा कि भीलवाड़ा में ईपीएफओ का जिला स्तरीय कार्यालय संचालित है, लेकिन पेंशन और क्लेम सेटलमेंट के अधिकार उदयपुर क्षेत्रीय कार्यालय के पास हैं।
उन्होंने मांग की कि भीलवाड़ा जिला कार्यालय को क्षेत्रीय कार्यालय के रूप में क्रमोन्नत किया जाए, जिससे हजारों कर्मचारियों को सुविधा मिल सके।
योजना के प्रावधान और लाभ
ईपीएफओ के क्षेत्रीय अधिकारी जी.एल. नागदा ने बताया कि इस योजना के तहत –
-
प्रथम बार रोजगार पाने वाले श्रमिक को ₹15,000 की राशि दो किश्तों में (6 माह व 12 माह बाद) दी जाएगी।
-
रोजगार प्रदाता को ₹1 लाख तक के वेतन वाले कर्मचारी पर ₹1,000 से ₹3,000 प्रतिमाह तक का अनुदान मिलेगा।
-
50 से कम कर्मचारियों वाले उद्योगों को कम से कम 2 नए रोजगार, और 50 से अधिक कर्मचारियों वाले उद्योगों को कम से कम 5 नए रोजगार सृजन करने पर अनुदान दिया जाएगा।
कार्यशाला में नितिन स्पिनर्स, आरएसडब्ल्यूएम सहित कई उद्योगों के एचआर प्रमुखों ने योजना से जुड़ी तकनीकी कठिनाइयों को साझा किया। इस पर आयुक्त सिन्हा ने आश्वासन दिया कि जल्द ही मेवाड़ चैंबर में विशेष कैंप आयोजित कर इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
कार्यक्रम में भविष्य निधि आयुक्त आर.एन. मीणा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि योजना से संबंधित तकनीकी सहयोग के लिए भीलवाड़ा जिला कार्यालय में विशेष तकनीकी सेल गठित की गई है।
