लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
निवेशकों में बढ़ी चिंता
मुंबई: भारतीय IT सेक्टर इस समय भारी दबाव में है। देश की शीर्ष IT कंपनियों की मार्केट वैल्यू में पिछले कुछ महीनों के दौरान लगभग ₹18 लाख करोड़ की गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिसंबर 2024 से मई 2026 के बीच IT सेक्टर में यह सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
Nifty IT Index अपने उच्च स्तर 46,089 से गिरकर करीब 27,000 के आसपास पहुंच गया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट केवल घरेलू कारणों से नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक दबाव, AI disruption और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का संयुक्त असर है।
किन वजहों से टूटा IT सेक्टर?
विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय IT कंपनियों पर कई मोर्चों से दबाव बढ़ा है। अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में discretionary spending कम होने से नए प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी हुई है। इसके अलावा Generative AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने पारंपरिक IT services मॉडल को चुनौती दी है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की कमजोरी बढ़ाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 में FIIs ने भारतीय इक्विटी बाजार से बड़े पैमाने पर पैसा निकाला है, जिसका सबसे ज्यादा असर टेक्नोलॉजी और IT शेयरों पर पड़ा।
बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट
देश की प्रमुख IT कंपनियों जैसे Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, Wipro, HCL Technologies और LTIMindtree के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। Infosys का शेयर अपने 52-week high से करीब 31% नीचे पहुंच गया है, जबकि TCS भी अपने उच्चतम स्तर से 34% तक फिसल चुका है।
मिड-कैप IT कंपनियों में भी भारी volatility देखने को मिल रही है। हालांकि कुछ कंपनियों ने हाल के दिनों में recovery के संकेत दिए हैं, लेकिन निवेशकों का भरोसा अभी पूरी तरह लौटता नहीं दिख रहा।
क्या AI बन रहा है सबसे बड़ा खतरा?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Artificial Intelligence और automation के बढ़ते इस्तेमाल से traditional outsourcing मॉडल पर असर पड़ रहा है। कई विदेशी कंपनियां अब कम manpower और ज्यादा AI-driven solutions की ओर बढ़ रही हैं।
इसके चलते भारतीय IT कंपनियों के revenue growth और hiring plans पर दबाव बढ़ा है। कुछ analysts का कहना है कि आने वाले समय में IT सेक्टर को अपने business models में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
हालांकि बाजार में फिलहाल uncertainty बनी हुई है, लेकिन कई analysts इसे long-term opportunity भी मान रहे हैं। उनका कहना है कि मजबूत balance sheet और global presence वाली बड़ी IT कंपनियां आने वाले वर्षों में AI transformation का फायदा उठा सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, short-term volatility जारी रह सकती है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशक मजबूत fundamentals वाली कंपनियों पर नजर बनाए हुए हैं।
