लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नितिन मेहरा वरिष्ठ संवाददाता, (राजस्थान)
लेकिन कभी भी लग सकता है महंगाई का झटका
नई दिल्ली। आज सुबह काम और दफ्तर के लिए घर से निकलने वाले नौकरीपेशा और आम लोगों के लिए राहत की खबर है। तेल विपणन कंपनियों ने आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया है। देश के विभिन्न राज्यों और प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम पूरी तरह से स्थिर बने हुए हैं। हालांकि, बाजार के मौजूदा हालातों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के दबाव को देखते हुए यह शांति लंबे समय तक टिकने की उम्मीद बेहद कम है।
प्रमुख राज्यों और महानगरों में आज के भाव (प्रति लीटर)
इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) द्वारा जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, आज राज्यों और महानगरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं:
## राज्यों के अनुसार पेट्रोल के ताजा दाम:
* राजस्थान (जयपुर): पेट्रोल ₹109.00 प्रति लीटर (डीजल: ₹94.14)
* मध्य प्रदेश (भोपाल): पेट्रोल ₹110.66 प्रति लीटर (डीजल: ₹95.77)
* उत्तर प्रदेश (लखनऊ): पेट्रोल ₹98.42 प्रति लीटर (डीजल: ₹91.61)
* बिहार (पटना): पेट्रोल ₹111.12 प्रति लीटर (डीजल: ₹97.63)
* पंजाब (चंडीगढ़): पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर (डीजल: ₹91.83)
मुख्य महानगरों के दाम:
* दिल्ली: पेट्रोल ₹98.64 और डीजल ₹91.58
* मुंबई: पेट्रोल ₹107.59 और डीजल ₹94.08
* कोलकाता: पेट्रोल ₹109.70 और डीजल ₹96.07
* चेन्नई: पेट्रोल ₹104.92 और डीजल ₹96.21
कंपनियों का बढ़ता घाटा और वैट (VAT) बढ़ाएगा मुसीबत
भले ही आज कीमतों में शांति है, लेकिन बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ईंधन के दामों में जल्द ही बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण तेल वितरण कंपनियों का दैनिक घाटा लगातार बढ़ रहा है।
इसके अलावा, विभिन्न राज्यों में टैक्स (वैट) की दरें अलग-अलग होने के कारण कई प्रदेशों में आम जनता पर महंगाई का बोझ और ज्यादा है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन भी लगातार राज्य सरकारों से वैट (VAT) की दरों को तर्कसंगत बनाने की मांग कर रहे हैं ताकि खुदरा कीमतों में कुछ कमी लाई जा सके।
आने वाले दिनों में महंगाई का खतरा
आर्थिक जानकारों की मानें तो यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह दबाव में रहे, तो आने वाले दिनों में ईंधन की खुदरा कीमतों में और बढ़ोतरी की जा सकती है। ईंधन के महंगे होने से माल ढुलाई और परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों, सब्जियों और राशन की कीमतों पर पड़ेगा। ऐसे में आम जनता को आने वाले हफ्तों में अपनी जेब और ढीली करनी पड़ सकती है।
