लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
पर्यावरण संरक्षण के नन्हे सिपाही, भीलवाड़ा के बाल संस्कार शिविर में गूंजी जागरुकता की अलख
भीलवाडा। (पंकज पोरवाल) पर्यावरण की रक्षा केवल वयस्कों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नन्हे हाथों से भी इसकी मजबूत नींव रखी जा सकती है। यह संदेश भारत विकास परिषद शाखा विवेकानंद द्वारा आयोजित विशेष बाल संस्कार शिविर में गूंजा, जहां बच्चों को पर्यावरण के मुख्य सचेतक बनने के लिए प्रेरित किया गया। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक धनेतवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बालक यदि बचपन से ही पर्यावरण की शिक्षा लें, तो वे समाज के मुख्य पर्यावरण सचेतक की भूमिका निभा सकते हैं।
धनेतवाल ने आदर्श विद्या मंदिर, अंबेडकर नगर घुमंतू छात्रावास में संचालित इस शिविर का अवलोकन किया और बच्चों को कपड़े के थैले और स्टेशनरी भेंट कर पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराया। चौथे दिन तक शिविर में कुल 110 बच्चों का पंजीकरण हुआ है, जिनमें से 93 बालक-बालिकाएं आज उपस्थित रहे। यह बच्चों में इस तरह के शिविरों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है। शिविर का समापन 15 जून को होगा इसमें गोरखनाथ मंदिर के महंत बद्रीनाथ मुख्य अतिथि होंगे। श्रीगोपाल राठी, अशोक बाहेती, नंदकिशोर शर्मा, पार्षद श्याम सुंदर मल्होत्रा अतिथि होंगे। भारत विकास परिषद की ओर से सभी बच्चों को हनुमान चालीसा भेंट की गई।
उन्हें इसे कंठस्थ करने का आह्वान किया गया, क्योंकि वीर हनुमान बुद्धि एवं शक्ति के प्रतीक हैं। शिविर केवल पर्यावरण शिक्षा तक ही सीमित नहीं रहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रशिक्षक अजय अग्रवाल ने प्रतिदिन की तरह खेलों के माध्यम से बच्चों में राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत किया, वहीं पतंजलि योग समिति के योग प्रशिक्षक दुर्गा लाल जोशी ने योग का अभ्यास कराकर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाया।
