दौसा। जिले के पाटन इलाके में रक्षाबंधन के दिन बाल संरक्षण यात्रा की टीम पहुंची और यहां पर गहलोत सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी विभिन्न माध्यमों से दी I टीम के सदस्यों ने भरोसा के साथ राखी बांधकर वंचित पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाने का प्रयास किया। यात्रा के बाल मित्रों की इस जज्बे को ग्रामीणों ने जमकर सराहना की। राज्य सरकार की ओर से हिंसा एवं बाल अधिकारों हेतु जागरूकता के साथ सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के इस मुहिम में पंचायत स्कूल कष्टों में कई नवाचार की जा रहे हैं । इस कड़ी में नाहर थोड़ी में बच्चों के साथ इंसान दुर्व्यवहार, बाल विवाह, बाल श्रम ,जैसे मुद्दों पर प्रहार करती फिल्म डाली में बताया गया कि बच्चों पर हिंसा और दुर्व्यवहार घर और आसपास से शुरू होता है। ऐसे में हंसते खेलते परिवार में रिश्ता निभाते हुए घर आए दूर के रिश्ते के मेहमान को रहने की शरण देना और शरण लेने पर उसी रिश्तेदार के द्वारा घर के बच्चों का यौन शोषण करना। जागरूक करता है और अभिभावकों को भी सजग करता है। अध्यापिका और लड़की की सूझबूझ से मेहमान के इरादों का पर्दाफाश करता है।पंचायत द्वारा एक ऐसा फैसला दिया जाता है जो मिसाल बन जाती है । बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक सुनील मीणा ने भावनात्मक रिश्तो के साथ फिल्म में कलाकारों के अभिनय को सशक्त बताया ।फिल्म को ग्रामीणों ने खूब पसंद किया। मोबाइल थिएटर के माध्यम से गांव के दूरदराज क्षेत्रों में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के संदेश से सजी संकल्प गीत का वीडियो भी बच्चों में जोश भरता है। बाल मित्रों द्वारा ग्राम भ्रमण कार्यक्रम के दौरान नाहरखोरा में पोस्टर ,प्रदर्शन और संदेश की गई ।इस अवसर पर यात्रा समन्वय कैलाश सैनी, सीताराम गुर्जर,बाल मित्र जितेंद्र सिंह, ,मनजीत गुर्जर, अजय सिंह ,राकेश वर्मा, धर्मेंद्र ,टीकम चंद उपस्थित थे I
