Home rajasthan तेजा दशमी- रामदेव जयंती पर हुए विभिन्न आयोजन

तेजा दशमी- रामदेव जयंती पर हुए विभिन्न आयोजन

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प्रतापनगर नया बास में भरा तेजा दशमी का मेला

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

किशनगढ़ रेनवाल। ( नवीन कुमावत)। श्री वीर तेजाजी मंदिर सेवा समिति द्वारा भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि शुक्रवार को तेजा दशमी पर नया बास प्रतापनगर स्थित तेजाजी के मंदिर ( थान ) पर तेजाजी महाराज का मेला आयोजित किया गया।। ढ़ोल नगाड़ों की धुन पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने तेजाजी महाराज की पूजा अर्चना कर प्रसाद का भोग चढ़ाया।
मंदिर पुजारी कानाराम कुमावत ने बताया कि तेजाजी महाराज के मंदिर परिसर में मुख्य पुजारी पर तेजाजी महाराज की सवारी आई। ढोल, नगाड़ों, मंजीरों और चिमटों की धुन पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूमे। इससे पहले आस – पास के निवासियों ने कई दिनों तक तेजाजी महाराज की बिंदौरी भी निकाली। शुक्रवार को ज्योत जलाने के साथ ही मेला शुरू हुआ।


श्री वीर तेजाजी मंदिर सेवा समिति नयाबास के अध्यक्ष कानाराम घोडेला, कोषाध्यक्ष चौथमल नेमीवाल, पुजारी कानाराम किरोड़ीवाल,
मंदिर के वरिष्ट घोड़ले घिरधारी चौधरी, भानाराम घोडेला, सावरमल कुमावत, ननचू कुमावत, कारकर्ताओं में दानाराम घोडेला, नेमीचंद छापोला,छोटू छापोला, सुरेंद्र कुमावत, छोटूराम कुमावत, मालीराम जेठीवाल आदि मौजूद रहे।
उधर, बाबा रामदेवजी की जयंती पर वार्ड नंबर तीन, वार्ड नंबर चार और पुराने यूको बैंक के सामने वाली गली में बाबा रामदेव जी की जयंती मनाई गई। इस दिन मंदिरों में भजनों की प्रस्तुति दी गई। श्रद्धालुओं ने मंदिर में बाबा रामदेवजी की मूर्ति पर भोग अर्पित किया।
वरिष्ठ कार्यकर्ता छोटूराम कुमावत ने बताया कि यह त्यौहार तेजाजी महाराज की महानता और उनके वचनों के सम्मान के लिए उनके द्वारा किए गए बलिदान का स्मरण कराता है। राजस्थान के नागौर जिले के खरनालियां गांव में तेजाजी का जन्म हुआ था। नागवंशी क्षत्रिय जाट घराने के एक जाट परिवार में जन्मे वीर तेजाजी सामान्य किसान के बेटे थे। तेजाजी के पिता ताहड़ देव और माता रामकंवरी भगवान शिव के उपासक थे। गौरतलब है कि तेजाजी की मृत्यु भाद्रपद शुक्ल दशमी शनिवार, वि. स. 1160 को हुई थी। तेजाजी की शहादत की तिथि को तेजा दशमी के रूप में मनाया जाता है। वहीं बाबा रामदेवजी का जन्म भाद्रपद की शुक्ल दूज को विक्रम संवत 1409 में राजस्थान प्रांत के बाड़मेर जिले के शिव तहसील के ऊँडूकासमेर गाँव के राजपूत परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम अजमाल जी तंवर तथा माता का नाम मैणादे था।

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