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जालोर मृतक छात्र के परिजनों,भीम आर्मी कार्यकर्ताओं और पुलिस में टकराव, पुलिस ने लाठियां भांजकर खदेड़ा, मृतक का कराया अंतिम संस्कार

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जालोर। जालौर में शिक्षा के मंदिर में मास्टर की पिटाई से घायल हुए इंद्र की इलाज के दौरान हो गई। आज पुलिस की मौजूदगी में मृतक छात्र का अंतिम संस्कार किया कर दिया गया। इससे पूर्व पूरे दिन भर भीम आर्मी कार्यकर्ता मृतक बच्चे के रिश्तेदार गांव के लोग प्रशासन से मृतक बच्चे के परिजनों को 50 लाख का मुआवजा देने और एक नौकरी एक सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर अड़े हुए थे ।प्रशासन और परिजनों के बीच कई बार वार्ता के दौर चले। लेकिन सरकार ने मामले को लेकर हाथ खड़े कर खड़े कर दिए।

सरकार ने नहीं मानी परिजनों की मांग

कलेक्टर ने परिजनों बताया कि मुख्यमंत्री सहायता कोष से ₹500000 की पहले ही घोषणा की जा चुकी है और राशि की बात है सरकार के पास प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। जबकि परिजन और कार्यकर्ता जिला प्रशासन से उदयपुर में हाल ही में सरकार द्वारा मृतक कन्हैयालाल के परिजनों को 5000000 रुपए की मदद और बच्चे के पिता को नौकरी देने की मांग कर रहे थे। भीम आर्मी के लोगों का कहना था कि जब सरकार उदयपुर में इस तरह का एक पैकेज दे सकती है ,तो यहां क्यों नहीं रह सकती ।इस पर जिला कलेक्टर ने ₹400000 की सहायता और स्वीकृति और की लेकिन यह मुख्यमंत्री के पास रात में से ही दी जानी थी। पैकेज को लेकर किसी तरह से प्रशासन ने सहमति जताई। वार्ता के दौरान भारी संख्या में लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की, नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों पर भांजी लाठियां

इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई मृतक बच्चे के घर से लोगों को निकाल -निकाल कर मारा और गांव के आसपास दूर तक खदेड़ दिया । सभी लोगों को खदेड़ने के बाद भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में बच्चे का दाह संस्कार कर दिया गया।

उत्तर प्रदेश की तर्ज पर जबरन किया दाह संस्कार

भीम आर्मी के लोगों का आरोप है कि यहां भी प्रशासन ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बच्चे का जबरन अंतिम संस्कार कराया है । जबकि परिजन चाहते हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री की तरफ से कोई उचित आश्वासन मिल जाए। जो दोषी है उनके खिलाफ कार्यवाही हो जाए। स्कूल की मान्यता रद्द हो और भविष्य इस तरह की घटना नहीं हो । अगर इस तरह का ट्वीट मिल जाता तो उन लोगों को थोड़ा भरोसा होता। लेकिन जिस तरह से पुलिस ने लोगों को घरों से निकाल निकाल कर मारा है। पुलिस की पिटाई में खुद मृतक के परिजन, उसके मामा, कई महिलाएं और दूरदराज के गांवों से न्याय के लिए पहुंचे लोग भी घायल हुए हैं। ऐसे में लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है । आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ यह आक्रोश और बढ़ेगा।.हालांकि जिला प्रशासन मुआवजे को लेकर परिजनों से बनी सहमति के बाद ही मृतक बच्चे का अंतिम संस्कार कराने का दावा कर रहा है ।

प्रशासन ने सहमति से कराया दाह संस्कार

प्रशासन ने अपनी तरफ से कोई जोर जबरदस्ती नहीं की है। जिन लोगों ने पुलिस पर पथराव किया था लोगों पर ही लाठी चार्ज करके खदेड़ा गया । इलाके में इंटरनेट सेवा बंद है और किसी को भी बाहरी व्यक्ति द्वारा आने-जाने की अनुमति नहीं है ।इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है। हालांकि गांव में भी और आसपास भी कुछ लोग आरोपी टीचर को बचाने की जुगत में लग गए हैं और दे इस घटना को एक सामान्य घटना बचाने के प्रयास में हैं। मृतक बच्चे के परिजनों को भी लगातार इस बात के लिए समझाने का प्रयास किया जा रहा है। यह एक हादसा है, जानबूझकर किया गया कृत्य नहीं है। यानी एक मासूम बच्चे की जान टीचर की पिटाई से जाने के बाद भी उसे बचाने का प्रयास शुरू करना निकृष्ट मानसिकता का परिचय है।

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