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घर-घर बनाई जा रही है सेवइयां,रक्षाबंधन पर होती है श्रवण सलोना की पूजा

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सेवई बनवाने में जुटे लोग

सावन महीना लगते ही होती है शुरुआत

भरतपुर भुसावर। लक टुडे विशेष संवाददाता हमारे देश में अनेकानेक त्यौहार समय-समय पर श्रद्धा अनुसार धूमधाम एवं हर्षोल्लास पूर्वक रीति रिवाज के अनुसार मनाए जाते हैं। उन्ही त्योहारों में से एक है रक्षाबंधन। हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष महत्व होता है और इस बार सावन का महीना 22 जुलाई सोमवार से शुरू होकर 19 अगस्त सोमवार को समाप्त होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल श्रवण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन राखी का पर्व मनाया जाता है इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाइ में रक्षा सूत्र बांधकर लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं। वही भाई बहन की सुरक्षा का वचन देने के साथ उपहार देते हैं। इसी रक्षाबंधन के उपलक्ष में सावन मास लगते ही कस्बा भुसावर सहित ग्रामीण अंचल में लोग सेवइयां बनवाने की तैयारियो में जुट गए हैं। वहीं कस्बे के खीरकारी के पास भगतराज, दिवली सड़क मार्ग, मुंडायारा सड़क मार्ग, इटामडा सड़क मार्ग पर कारीगर सेवई सेवइयां बनाने की तैयारियो शुरू कर दी है। जहां उन्हें रोजगार भी प्राप्त हो रहा है। सेवई सेवइयां बनाने वाले कारीगर योगेंद्र कुमार, बेबी, संजू सोनू सिंघल , महेंद्र ने जानकारी देते हुए बताया की सेवइयां सेबइ मैदा, सूजी आदि से बनाई जाती हैं जहां बनवाने वाला अपनी सामग्री लाता है तो ₹15, पन्द्रह रुपए किलो की दर से बनाई जाती हैं और मैदा सूजी से निर्मित तैयार से भैया सेवई लेता है तो साठ रुपए किलो कि दर से हमेशा तैयार मिलती है। वहीं महिला पुष्पा सेन, रेनू, लक्ष्मी, दीक्षा शर्मा चंचल ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है जहां श्रवण सलोना को सेवई चावल आदि का भोग लगाया जाता है। वही जिस लड़के की नव विवाह हुआ हो वह शगुन के तौर पर अपनी ससुराल सेवई चावल लेकर जाता है।

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