लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अभियोजन स्वीकृति, 17-ए, अनिवार्य सेवानिवृत्ति और विभागीय जांच के 24 प्रकरण निस्तारित
जयपुर।
राज्य सरकार ने आमजन को संवेदनशील, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अभियोजन स्वीकृति, 17-ए, अनिवार्य सेवानिवृत्ति और विभागीय जांच के 24 प्रकरणों का निस्तारण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषी लोक सेवकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की गई है। इसमें शामिल हैं:
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वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ धारा-19 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 के तहत अभियोजन स्वीकृति।
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सार्वजनिक निर्माण विभाग के तीन अधिकारियों द्वारा मिली-भगत कर सड़क निर्माण में अवैध लाभ देने के आरोप में धारा 13(1)(डी) एवं 13(2) के तहत अभियोजन स्वीकृति।
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कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर राजकीय भूमि का निजी लाभ देने के आरोप पर राजस्थान प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी के खिलाफ धारा 17-ए के तहत जांच अनुमोदन।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले चार अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोककर दंडित की गई, जबकि पांच सेवानिवृत्त अधिकारियों के पेंशन रोकने का आदेश दिया गया। साथ ही चार जांच प्रकरणों के निष्कर्ष राज्यपाल को अनुमोदन हेतु भेजे गए।
सीसीए नियम-16 के तहत प्रस्तुत चार पुनरावलोकन याचिकाएं खारिज की गईं और अनिवार्य सेवानिवृत्ति के एक प्रकरण में अपील अस्वीकार कर पूर्व निर्णय यथावत रखा गया।
