Home education योग एवं फिजियोथेरेपी वर्कशॉप के दूसरे दिन फिजियोथेरेपी पर विशेष सत्र

योग एवं फिजियोथेरेपी वर्कशॉप के दूसरे दिन फिजियोथेरेपी पर विशेष सत्र

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

विजय कपूर की रिपोर्ट
बीकानेर l महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के योग विभाग द्वारा आयोजित “योग एवं फिजियोथेरेपी वर्कशॉप” के दूसरे दिन विशेष रूप से फिजियोथेरेपी और इसके आधुनिक चिकित्सीय लाभों पर केंद्रित सत्र आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित थे, जिन्होंने अपने संबोधन में योग और फिजियोथेरेपी के संयुक्त प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, “आज के दौर में योग और फिजियोथेरेपी न केवल शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हैं, बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने इस तरह की कार्यशालाओं को विद्यार्थियों के लिए बेहद लाभकारी बताया और इसके निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।इस सत्र के प्रमुख वक्ता. विनय गर्ग (सीनियर कंसल्टेंट फिजियोथेरेपिस्ट) और डॉ. विनय सक्सेना (कंसल्टेंट फिजियोथेरेपिस्ट) रहे l
फिजियोथेरेपी के आधुनिक पहलुओं पर चर्चा डॉ. विनय गर्ग ने अपने सत्र में न्यूरोलॉजिकल फिजियोथेरेपी पर जोर दिया और बताया कि स्ट्रोक, पार्किंसन और सेरेब्रल पाल्सी जैसी बीमारियों के पुनर्वास में फिजियोथेरेपी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने एक्यूप्रेशर और ड्राइ नीडलिंग तकनीकों की व्याख्या करते हुए प्रतिभागियों को इनकी उपयोगिता से अवगत कराया।डॉ. विनय सक्सेना ने अपने व्याख्यान में मस्क्युलोस्केलेटल (हड्डी और मांसपेशियों से संबंधित) बीमारियों के उपचार में फिजियोथेरेपी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के समय में पोस्टुरल समस्याएं, सर्वाइकल पेन, स्पोर्ट्स इंजरी और अर्थराइटिस जैसी समस्याओं के लिए फिजियोथेरेपी एक प्रभावी उपचार पद्धति है।प्रश्नोत्तर सत्र और लाइव डेमोंस्ट्रेशन
सत्र के अंत में विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने फिजियोथेरेपी से जुड़े अपने सवाल पूछे। साथ ही, लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से विभिन्न फिजियोथेरेपी तकनीकों को समझाया गया, जिससे छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।

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