लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
भीलवाड़ा (सत्यनारायण सेन, गुरला)।
गोपाष्टमी महोत्सव के अवसर पर श्री कामधेनु बालाजी मंदिर, सुखाड़िया नगर (कोठारी नदी किनारे) में श्रद्धा और उत्साह के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान गौ माता की पूजा-अर्चना, सामूहिक आरती और गौ सेवकों का सम्मान समारोह संपन्न हुआ।
मेवाड़ का पहला गौ माता मंदिर
सुखाड़िया नगर स्थित यह मंदिर मेवाड़, भीलवाड़ा का प्रथम गौ माता मंदिर माना जाता है, जहां गौ माता की प्राण प्रतिष्ठा एवं समाधि स्थल स्थापित है।
मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी ने बताया कि गोपाष्टमी महोत्सव भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ा हुआ पर्व है, जब उन्होंने गोवर्धन पर्वत उठाकर गोकुलवासियों की रक्षा की थी।
उन्होंने कहा कि अष्टमी तिथि से भगवान कृष्ण और बलराम द्वारा गौचारण की शुरुआत होने के कारण इस दिन को “गोपाष्टमी” के रूप में मनाया जाता है।
गौ सेवा और सम्मान समारोह
मंदिर के गौ सेवक सोनू माली ने बताया कि महोत्सव के अंतर्गत गौ माता को तिलक, चुनरी ओढ़ाकर पूजन किया गया और जयकारों के बीच सामूहिक आरती की गई।
इसके बाद गौ सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले गौ सेवकों का सम्मान किया गया।
सम्मानित होने वालों में —
सोनू गौर, सुरभि गौशाला एंबुलेंस चालक शंकर सालवी, श्रीराम गौ सेवा समिति संचालक भाई राम, लखन,
तथा नागौरी गार्डन पशु चिकित्सालय के गौ सेवक नारायणलाल शामिल रहे।
उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर, बालाजी महाराज की तस्वीर भेंट की गई और उनके सेवा कार्यों की सराहना की गई।
️ धार्मिक आयोजन और सहयोग
संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन विश्व हिंदू परिषद के बद्रीलाल सोमानी ने किया।
उन्होंने मंदिर के इतिहास का उल्लेख करते हुए महंत बाबू गिरी जी महाराज का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से मंदिर परिसर में बालाजी और शिव परिवार की प्रतिमाएँ स्थापित हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गौ भक्त उपस्थित रहे।
मुख्य रूप से दिनेश सेन, ऊपरेड़ा, रोशन माली, तुलसीराम माली, ओमप्रकाश लड्डा, छगन जैन, लोकेश पगारिया, कन्हैयालाल खेतान, राजू कसारा, गोपीकिशन पाटोदिया, सत्यनारायण मूंदड़ा, मंदिर पुजारी जगन्नाथ शर्मा, रेनू शर्मा सहित कई भक्तों ने भाग लिया।