लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
शहद प्राकृतिक मिठास का स्रोत है और इसमें कुछ एंटीऑक्सीडेंट तथा पौधों से मिलने वाले जैविक यौगिक पाए जाते हैं। सीमित मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो कई संभावित फायदे हो सकते हैं:
- गले की खराश और खांसी में राहत – शहद गले को आराम देने और खांसी कम करने में मदद कर सकता है, खासकर रात में होने वाली खांसी में।
- तुरंत ऊर्जा का स्रोत – इसमें प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर को जल्दी ऊर्जा उपलब्ध कराती है।
- एंटीऑक्सीडेंट गुण – विशेषकर गहरे रंग के शहद में ऐसे यौगिक पाए जा सकते हैं जो ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाव में योगदान देते हैं।
- पाचन में मदद – कुछ लोगों को शहद पाचन संबंधी असहजता में लाभदायक लगता है, हालांकि इसके लिए मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।

- घाव भरने में उपयोग – चिकित्सकीय रूप से तैयार किए गए कुछ मेडिकल-ग्रेड शहद का इस्तेमाल घावों की देखभाल में किया जाता है। सामान्य खाने वाला शहद खुले घाव पर खुद से नहीं लगाना चाहिए।
- चीनी का विकल्प – चाय, दूध या अन्य खाद्य पदार्थों में रिफाइंड चीनी की जगह थोड़ी मात्रा में शहद लिया जा सकता है, लेकिन शहद भी मुख्यतः शर्करा ही है, इसलिए इसे ज्यादा मात्रा में लेना उचित नहीं।
⚠️ कितना शहद लें?
आमतौर पर 1–2 चम्मच प्रतिदिन पर्याप्त माना जा सकता है। इसे गर्म पानी में मिलाकर या सीधे भी लिया जा सकता है।
ध्यान रखें: 1 साल से कम उम्र के बच्चों को शहद बिल्कुल नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे infant botulism का खतरा रहता है। मधुमेह वाले लोगों को भी शहद को चीनी से पूरी तरह अलग या “शुगर-फ्री” नहीं समझना चाहिए।