लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
विजय कपूर की रिपोर्ट
श्रीगंगानगर । श्री गुरु अर्जुन दास सत्संग भवन के संस्थापक एवं श्री रूद्र हनुमान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरु अर्जुन दास जी द्वारा सत्संग भवन में 628 वा लंगर लगाया गया। लंगर में केसर युक्त दूध, चना मसाला व, चनेआलु सब्जी-पूड़ी फल के प्रसाद का श्री रुद्र हनुमान जी को भोग लगाकर वितरण किया गया। समिति द्वारा सेवाएं श्री गुरु अर्जुन दास, हुकुम देवी, संगठन मंत्री सतपाल कोर, अनुज मल्होत्रा, पंडित नरेश शर्मा, आशा रानी, सुभाष छाबड़ा, राजेश अंगी, एम डी सतीश, राजरानी, दिया, खुशी, निशा, मीकीं नवनीत मलोट, साहिल, देवेंद्र, संजू, वकील जगतार सिंह, सिद्धू, पूनम,महेंद्र भटेजा व अन्य सदस्यों द्वारा दी गई। सभी ने तन मन से सेवा दी।श्री गुरु अर्जुन दास जी महाराज द्वारा माघ मास की महिमा का वर्णन करते हुए कहा गया कि “माघ मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम 3 तिथियाँ त्रयोदशी से लेकर पूर्णिमा तक की तिथियाँ बड़ी ही पवित्र और शुभकारक हैं । जो सम्पूर्ण माघ मास में ब्रह्म मुहूर्त में पुण्य स्नान, व्रत, नियम आदि करने में असमर्थ हो, वह यदि इन 3 तिथियों में भी उसे करे तो माघ मास का पूरा फल पा लेता है ।वैसे तो माघ मास की हर तिथि पुण्यमयी होती है और इसमें सब जल गंगाजल तुल्य हो जाते हैं | सतयुग में तपस्या से जो उत्तम फल होता था, त्रेता में ध्यान के द्वारा, द्वापर में भगवान् की पूजा के द्वारा और कलियुग में दान-स्नान के द्वारा तथा द्वापर, त्रेता, सतयुग में पुष्कर, कुरुक्षेत्र, काशी, प्रयाग में 10 वर्ष शुद्धि, संतोष आदि नियमों का पालन करने से जो फल मिलता है, वह कलियुग में माघ मास में अंतिम 3 दिन- त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा को प्रातः स्नान करने से मिल जाता है | माघ मास प्रातः स्नान सब कुछ देता है आयुष्य लम्बी करता है, अकाल मृत्यु से रक्षा करता है ,और आरोग्य देता है, रूप देता है, बल देता है ,संतान की वृद्धि ,सदाचरण और सत्संग देता है,वृत्तियाँ निर्मल होती हैं और विचार ऊंचे होते हैं l विश्वकर्मा जयंती की माघ पूर्णमासी की हार्दिक शुभकामनाएं ।
