लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
— रेनवाल सीबीईओ जगदीश मीणा ने भेजी ईमेल से रिपोर्ट
— पीडब्लयूडी के द्वारा किया जाएगा अंतिम सर्वे
नवीन कुमावत
किशनगढ़ रेनवाल। प्रदेश में झालावाड़ और जैसलमेर में पिछले दिनों सरकारी जर्जर विद्यालय भवनों के हिस्सों के गिरने से हुए हादसे में कई मासूम विद्यार्थियों की मौत हो गई। इसके बाद राज्य सरकार ने 169 करोड़ 52 लाख 94 हजार रुपए राशि जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत या नवनिर्माण के लिए स्वीकृत की, लेकिन जयपुर जिले के किशनगढ़ रेनवाल ब्लॉक में किसी भी स्कूल को जर्जर नहीं मानते हुए कोई राशि स्वीकृत नहीं की। अब मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जगदीश मीणा एवं एसडीएम सर्वेश शर्मा की टीम ने क्षेत्र में सर्वे कर सात विद्यालयों को जर्जर बताया है। वहीं क्षेत्र के सभी विद्यालयों में कुल 181 कमरों को जर्जर बताया है। और बुधवार 31 जुलाई को इसकी प्राथमिक जांच रिपोर्ट शिक्षा विभाग जयपुर को भेज दी है। हालांकि इसकी अंतिम जांच रिपोर्ट सार्वजनिक निर्माण विभाग अपने स्तर पर शिक्षा विभाग को जल्द ही भेजेगा।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जगदीश मीणा ने बताया कि ब्लॉक में जर्जर विद्यालयों के प्राथमिक सर्वे के लिए एसडीएम सर्वेश शर्मा, तहसीलदार कोमल यादव, नायब तहसीलदार, सीबीईओ और बीडीओ के नेतृत्व में पांच टीमें बनाई गई थीं। इसमें पीडबल्यूडी के जेईएन भी शामिल थे। सर्वे में कुल 122 स्कूलों में से सात स्कूल जर्जर पाई गईं हैं। और 181 कमरें जर्जर हैं। साथ ही 552 कमरें थोड़ी मरम्मत लायक हैं।

सात जर्जर स्कूलों में दो सीनियर स्कूल राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय,बाग की ढाणी रेनवाल ( सभी 12 कमरें जर्जर हालत में ) और महात्मा गांधी स्कूल सुंदरपुरा ( सभी कमरें जर्जर ) शामिल है। और पांच प्राथमिक जर्जर स्कूल जिनमें मंढाभीमसिंह, अनतपुरा में जाखड़ों की ढाणी स्कूल, गीधा का बास स्कूल, भुवाणा बाबा की ढाणी और दीपपुरा शामिल है।
ये है रेनवाल ब्लॉक का पूरा ब्यौरा : शिक्षा अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक कि.रेनवाल ब्लॉक में 122 कुल सरकारी स्कूल हैं। इनमें 116 राजकीय उच्च माध्यमिक या माध्यमिक विद्यालय, पांच संस्कृत शिक्षा स्कूल और एक मदरसा शामिल है। इन सभी में कुल 1304 कमरें बने हैं। इन सभी में सर्वे के बाद सात विद्यालयों और 181 कमरों को जर्जर हालत में पाया गया। वहीं कुल 552 कमरों को थोड़ी मरम्मत के लायक पाया गया।