लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
7 जिलों में टैक्स अनियमितताओं की जांच, 2.88 करोड़ से ज्यादा के मामलों ने खींचा ध्यान
वीकेंड स्पेशल ड्राइव में निर्माण, टेक्सटाइल, रेस्टोरेंट, सिक्योरिटी और विनिर्माण सेक्टर पर कार्रवाई; कई करदाताओं ने जांच के दौरान लाखों रुपये जमा कराए
जयपुर। राजस्थान में टैक्स चोरी, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), फर्जी बिलिंग और अन्य कर अनियमितताओं के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग ने सप्ताहांत में राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, पाली, चूरू, श्रीगंगानगर और बीकानेर समेत कई जिलों में अलग-अलग प्रतिष्ठानों का सर्वे और जांच की गई।
प्रारंभिक जांच में निर्माण, टेक्सटाइल, रेस्टोरेंट एवं आतिथ्य, सुरक्षा सेवाओं तथा विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों के मामलों में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। विभाग की कार्रवाई में पात्रता से अधिक ITC का दावा, निरस्त पंजीकरण वाली फर्मों से खरीद, संदिग्ध या फर्जी ITC और GST रिटर्न में कर देयता कम दर्शाने जैसे मामले सामने आए।
विभाग की ओर से चिन्हित संभावित कर अनियमितताओं का कुल आंकड़ा करीब 2.89 करोड़ रुपये तक पहुंचता है। हालांकि, यह राशि प्रारंभिक जांच में सामने आई संभावित अनियमितताओं का योग है और सभी मामलों में अंतिम कर देयता जांच पूरी होने के बाद तय होगी।
ओसियां में कंस्ट्रक्शन कंपनी, 42 लाख की संभावित अनियमितता
जोधपुर जिले के ओसियां स्थित मारुधर कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ कार्रवाई में पात्रता से अधिक और अपात्र ITC के इस्तेमाल का मामला सामने आया।
प्रारंभिक जांच में करीब 42 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता चिन्हित की गई। कार्रवाई के दौरान करदाता ने करीब 38.57 लाख रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई।
पाली की कृष्णा टेक्सटाइल में संदिग्ध ITC
पाली स्थित कृष्णा टेक्सटाइल की जांच में निरस्त और फर्जी फर्मों से प्राप्त ITC के इस्तेमाल के संकेत मिले।
विभाग ने करीब 13.97 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता चिन्हित की। इसके बाद करदाता ने 1.50 लाख रुपये की कर राशि और दंड स्वेच्छा से जमा कराया। शेष राशि जमा कराने के लिए समय का अनुरोध किया गया है।
रतनगढ़ में 50 लाख रुपये के अपात्र ITC की जांच
चूरू जिले के रतनगढ़ स्थित श्री बालाजी कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स के मामले में करीब 50 लाख रुपये के अपात्र ITC का मामला सामने आया है।
प्रारंभिक जांच में निरस्त पंजीकरण वाले करदाता से ITC लेने के संकेत मिले हैं। विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
उदयपुर के रेस्टोरेंट में 11 लाख रुपये जमा
उदयपुर स्थित ओमेगा लीजर लाउंज प्राइवेट लिमिटेड की जांच में रेस्टोरेंट सेवाओं पर अपात्र ITC लेने और रिवर्स चार्ज से संबंधित दायित्वों का पालन नहीं करने के संकेत मिले।
कार्रवाई के दौरान करदाता ने 11 लाख रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई।
जयपुर में सिक्योरिटी सर्विस कंपनी पर कार्रवाई
जयपुर के वैशाली नगर स्थित कर्णी सेफ सिक्योरिटी सर्विसेज में अतिरिक्त ITC लेने और GST रिटर्न में कर देयता कम दर्शाने से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के दौरान करदाता ने करीब 10.17 लाख रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई।
सूरतगढ़ में 82.80 लाख रुपये के फर्जी ITC का मामला
श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ स्थित जे.बी. एंड कंपनी के खिलाफ कार्रवाई में करीब 82.80 लाख रुपये के फर्जी ITC का मामला सामने आया।
विभाग के अनुसार, संबंधित कार्य से जुड़े भुगतानों को सुरक्षित रखने के लिए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक सूचना भी दी गई है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
बीकानेर में दो अलग-अलग मामलों में जांच
बीकानेर जिले में भी विभाग की टीमों ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की।
श्री राम के मामले में निरस्त पंजीकरण वाली फर्म से खरीद और संदिग्ध ITC से जुड़ी करीब 20 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता सामने आई।
वहीं तावरी वायरॉन के मामले में बिक्री एवं स्टॉक से जुड़े लेन-देन, कर देयता के समायोजन और ITC के इस्तेमाल में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
दोनों मामलों में विस्तृत जांच जारी है।
बज्जू में कंस्ट्रक्शन कंपनी ने जमा कराए 5.54 लाख
बीकानेर जिले के बज्जू स्थित श्री कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ कार्रवाई में निरस्त पंजीकरण वाले करदाता से ITC लेने और पात्रता से अधिक ITC का दावा करने का मामला सामने आया।
जांच के दौरान करदाता ने 5.54 लाख रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई।
लेखा रिकॉर्ड और खरीद-बिक्री दस्तावेजों की जांच जारी
वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार सभी मामलों में संबंधित करदाताओं के लेखा अभिलेख, खरीद-बिक्री विवरण, ITC से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जा रही है।
विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित मामलों में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वीकेंड पर चला विशेष अभियान
ये सभी कार्रवाईयां वाणिज्यिक कर विभाग की संबंधित जोनल टीमों द्वारा सप्ताहांत के दौरान संचालित विशेष अभियान के तहत की गईं।
अभियान का उद्देश्य कर चोरी, अपात्र ITC, फर्जी बिलिंग और अन्य कर अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण करना है।
कर चोरी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
वाणिज्यिक कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि टैक्स चोरी, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट, फर्जी बिलिंग और अन्य कर अनियमितताओं के खिलाफ राज्यभर में अभियान आगे भी जारी रहेगा।
विभाग ने कहा है कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एक नजर में कार्रवाई
| जिला | प्रतिष्ठान | प्रारंभिक तौर पर चिन्हित संभावित अनियमितता |
|---|---|---|
| जोधपुर/ओसियां | मारुधर कंस्ट्रक्शन कंपनी | 42 लाख |
| पाली | कृष्णा टेक्सटाइल | 13.97 लाख |
| चूरू/रतनगढ़ | श्री बालाजी कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स | 50 लाख |
| उदयपुर | ओमेगा लीजर लाउंज | 11 लाख की राशि जमा |
| जयपुर/वैशाली नगर | कर्णी सेफ सिक्योरिटी सर्विसेज | 10.17 लाख की राशि जमा |
| श्रीगंगानगर/सूरतगढ़ | जे.बी. एंड कंपनी | 82.80 लाख |
| बीकानेर | श्री राम | करीब 20 लाख |
| बीकानेर | तावरी वायरॉन | जांच जारी |
| बीकानेर/बज्जू | श्री कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी | 5.54 लाख की राशि जमा |
नोट: ऊपर दी गई संभावित अनियमितताओं की रकम प्रारंभिक जांच पर आधारित है। अंतिम कर देयता और वैधानिक कार्रवाई विस्तृत जांच पूरी होने के बाद तय होगी।
