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देश की 17% GDP के बराबर विवादित परियोजनाओं को सुलझाना लक्ष्य — एम.सी.टी. परेवा
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क | नई दिल्ली/जयपुर
(रूपनारायण सांवरिया)
नई दिल्ली/जयपुर। दिल्ली सरकार के पूर्व प्रधान मुख्य इंजीनियर एवं केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक एम.सी.टी. परेवा को एक बार फिर सर्वसम्मति से भारतीय तकनीकी मध्यस्थ संस्थान (IITArb) का अध्यक्ष चुना गया है।
वार्षिक आम बैठक में हुए चुनाव में नीरज राजवंशी को सचिव तथा जी.एस. दुबे (पूर्व कार्यकारी निदेशक, सेल) को कोषाध्यक्ष निर्वाचित किया गया।

इंजीनियर्स और आर्किटेक्ट्स के संविदा विवादों के निपटारे का प्रमुख मंच
IITArb की 14वीं वार्षिक आम बैठक का आयोजन इंजीनियर्स इंडिया संस्थान (Institution of Engineers India) में किया गया।
करीब एक महीने चली चुनावी प्रक्रिया के बाद वार्षिक बैठक में नए कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से चुनाव संपन्न हुआ।
यह संस्थान इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स के संविदा विवादों को त्वरित, पारदर्शी और लागत–प्रभावी तरीके से सुलझाने के लिए जाना जाता है।
देश के विकास से जुड़े बड़े विवादों को हल करना प्राथमिकता — परेवा
नवनिर्वाचित अध्यक्ष एम.सी.टी. परेवा ने बताया:
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देश में हजारों करोड़ रुपये की सरकारी परियोजनाएँ विवादों में फंसी हुई हैं।
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इन परियोजनाओं का मूल्य देश की GDP के लगभग 17% के बराबर है।
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IITArb इन्हें कानूनी, तकनीकी और तार्किक ढंग से हल करने का सक्षम मंच है।
उन्होंने कहा कि ऐसे विवादों के समयबद्ध निपटारे से देश की परियोजनाओं की गति बढ़ेगी और विकास को नई दिशा मिलेगी।
2026 में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी
परेवा ने बताया कि IITArb 2026 में एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इसमें—
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सरकारी क्षेत्रों,
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निजी क्षेत्रों तथा
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अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता विशेषज्ञों
को आमंत्रित किया जाएगा, जिससे भारत में टेक्निकल आर्बिट्रेशन को वैश्विक पहचान मिल सके।