लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल)
जिले में अवैध खनन, निर्गमन, भंडारण की रोकथाम, खनन गतिविधियों की मॉनिटरिंग और पर्यावरण संरक्षण के लिए गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक सोमवार को जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में सदस्य सचिव ने चालू वित्तीय वर्ष एवं पिछले दो वर्षों में अवैध खनन, निर्गमन और भंडारण के विरुद्ध की गई कार्यवाहियों की जानकारी प्रस्तुत की। जिन बजरी प्लॉटों की नीलामी हो चुकी है, लेकिन पर्यावरण स्वीकृति लंबित है, उनके लिए जिला कलक्टर की ओर से डीओ लेटर भेजकर प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करवाने के निर्देश दिए गए।
जिला कलक्टर ने परित्यक्त खदानों (Abandoned Mines Pits) की पहचान कर उनमें डीएमएफटी फंड एवं अपना संस्थान के माध्यम से विकास कार्य व पौधारोपण कराने के निर्देश दिए।
मनोनीत सदस्य राजेश सिंह राठौड़ ने खनन पट्टा क्षेत्रों को जोड़ने वाले मार्गों को डीएमएफटी फंड से स्वीकृत करवाने का सुझाव रखा।
वन विभाग ने प्रस्ताव दिया कि खनन पट्टों के ओवरबर्डन क्षेत्रों पर डीएमएफटी फंड से पौधारोपण कर उन्हें फिर से हराभरा बनाया जाए। वहीं खनि अभियंता ने सुझाव दिया कि पुर क्षेत्र में अवैध माइका खनन से बने गड्ढों को शहर के कचरा वेस्ट से भरकर दोनों समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
जिला कलक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अवैध खनन तथा निर्गमन के विरुद्ध कड़ाई से कार्रवाई करें और बैठक में दिए गए निर्देशों की पूरी पालना सुनिश्चित करें।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन), पुलिस, परिवहन, तहसीलदार, खनि अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
