लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जिले के मनोहरथाना में दर्जनों अवैध आरा मशीनें संचालित हो रही, कई लोग नियमों का पालन नहीं करते,
,,,,एक तरफ तो सरकार पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ की मुहिम चल रही दूसरी ओर जंगल माफिया पेड़ पौधों को साफ कर रहे हैं,,,
धड़ल्ले से चल रही आरा मशीनें, बडबद जावरी छान गोडिया आबूखेडी मनोहरथाना, सहित दर्जनों आरा मशीनों पर अवैध लकड़ी कटाई धड़ले से चल रही,
राजस्थान, झालावाड़। संवाददाता राजकुमार शर्मा
झालावाड़ जिले के मनोहरथाना क्षेत्र में, पेड़ पौधे लगाकर सेल्फी फोटो खींच कर अखबारों की सुर्खियां तो बन रहे हैं मगर दूसरी ओर जमकर धड़ल्ले से पेड़ पौधे काटे जा रहे हैं क्यों करते हैं इतना दिखावा,
क्षेत्र में लंबे अरसे से पंजीकृत आरा मशीनों पर नियमोंं को ताक में रखकर धड़ल्ले से हरे पेड़ों की लकडिय़ों की चिराई की जा रही है। लकड़ी लेकर पहुंच रहे लोगों से निकासी प्रमाण-पत्र और अनुमति दोनों ही नहीं मांगी जा रही है। इससे वन माफियाओं द्वारा जंगलों से काट कर लाई जा रही अवैध लकडिय़ों का चिराई आसानी से हो रही है। जब इस मामले में वन विभाग मनोहरथाना वनविभाग क्षेत्रिय अधिकारी से संवाददाता ने बात करने का प्रयास किया तो फोन ही नहीं उठाया। जबकि यह खेल प्रशासन के सामने कई महीनों से चल रहा है।
कितनी आरा मशीनों के लाइसेंस है और कितने के नहीं है बताएं कौन साहब फोन नहीं उठाते हैं,, किन आरा मशीनों के लाइसेंस रद्द हुए और कितने के रिन्यूए हुए, उधर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि
जंगल की जगह मैदान नजर आ रहा ,कस्बे के आसपास जहां जंगल थे, आज वहां मैदान बन गए हैं। क्षेत्र में सागवान, शीशम, गुलमोहर, आम आदि के पेड़ लगे थे। इन पेड़ों की लकड़ी से खिड़कियां व दरवाजे बन रहे हैं। इस कारण माफियाओं की नजर इनके पेड़ों पर रहती है। हालांकि विभाग ने लकड़ी चिराई के लिए तमाम नियम कायदे बनाते हुए आरा मशीनों के लाइसेंस जारी किए होंगे परंतु किन-किन मशीनों के लाइसेंस जारी किया उसकी अभी तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं। देर रात्रि तक भी धड़ाधड़ चलती रहती है आरा मशीनों ने लोों का जीना मुहाल कर रखा है।
इसमें सुबह 9 से शाम 6 बजे तक या सूर्यास्त तक ही लकड़ी चिराई के निर्देश हैं, इसके अतिरिक्त लकड़ी लेकर पहुंचने वाले व्यक्ति से लकड़ी की निकासी व कटान अनुमति का पत्र भी मांगने का नियम है लेकिन संचालक मुनाफा कमाने की खातिर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। आरा मशीनों का निरीक्षण भी समय पर नहीं किया जाता है। मनोहरथाना क्षेत्र की तमाम आरा मशीनों पर लकडिय़ों का भंडारण लगा है। जिसका आरा मशीन संचालकों के पास कोई ब्यौरा नहीं है तथा वन विभागीय अधिकारी मौन हैं।
मनोहरथाना क्षेत्र के छान गोडिया आबूखेड़ी जावरी स्थानों पर संचालित आरा मशीनों पर हरे-भरे पेड़ काटे जा रहे है। दिन में कटाई चलती है तथा रात के समय ट्रैक्टरों ट्रेलर डंपर के माध्यम से सप्लाई किए जाते है। शिकायत के बावजूद वनविभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। राजस्थान की भाजपा सरकार कर रही हरियाली बढ़ाने का दावों की पोल खुलेआम खुल रही वन विभाग क्षेत्र में लगातार धड़ल्ले से काटे जा रहे पेड़ पौधे। वन विभाग के वृक्ष कुंज हो जंगल के आसपास तमाम जगहों पर पेड़ पौधे लगाकर उसकी रक्षा का संकल्प लेते हैं सेल्फी फोटो खींचकर सोशल मीडिया और अखबारों में सुर्खियां बनते हैं पर उन्हें पेड़ पौधों का सत्यानाश करने में वन विभाग कोई कौर कसर नहीं छोड़ रहा। क्षेत्र की आरा मशीनों का धड़ाधड़ से भला करने में खूब जमकर मोटी रकम वह मुनाफे का सौदा बन रहा है। कब तक चलेगा यह तांडव कब तक चलती रहेगी पेड़ पौधों पर यह आरी, कब तक कटते रहेंगे पेड़ पौधे । आखिर क्या कसूर है इन पेड़ पौधों का जो शुद्ध हवा देने से इन्हें रोका जा रहा।
