लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जल संरक्षण कार्यों को दें प्राथमिकता: सी.आर. पाटिल
जयपुर। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 के अंतर्गत वर्षा जल की पर्याप्त रिचार्ज क्षमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों एवं शहरी स्थानीय निकायों से जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देने और जन भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
नई दिल्ली से आयोजित वर्चुअल बैठक में पाटिल ने अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान में जल संरक्षण की दिशा में सराहनीय कार्य हुए हैं। डूंगरपुर जिले में जनसहभागिता से नदी संरक्षण की पहल को उन्होंने अनुकरणीय बताया।
रामजल सेतु लिंक परियोजना बनेगी वरदान
पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर बूंद जल सहेजने’ के संकल्प से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संपन्न राजस्थान के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। रामजल सेतु लिंक परियोजना को उन्होंने प्रदेश के लिए वरदान बताया। साथ ही शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल समझौते की डीपीआर अंतिम चरण में होने की जानकारी दी।
वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान का दूसरा चरण 25 मई से
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा किशनगढ़ एयरपोर्ट से वर्चुअली बैठक में जुड़े। उन्होंने शहरी निकायों, पंचायती राज संस्थाओं और आमजन की सक्रिय भागीदारी पर जोर देते हुए रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जल संचय जन भागीदारी अभियान एक जन-आंदोलन बन चुका है। प्रथम चरण में राजस्थान तृतीय स्थान पर रहा तथा बाड़मेर और भीलवाड़ा जिलों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 25 मई (गंगा दशहरा) से 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का द्वितीय चरण संचालित करेगी।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय अखिल अरोरा तथा नेशनल वाटर मिशन की अतिरिक्त सचिव एवं मिशन डायरेक्टर अर्चना वर्मा सहित अन्य अधिकारी वर्चुअली जुड़े।
