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बैरवा महासभा के चुनावों को लेकर राष्ट्रीय महामंत्री ने राष्ट्रीय चुनाव समिति बर्खास्त करने की घोषणा की

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*बैरवा महासभा के चुनाव गलत विधि विधान से व चुनाव आयोग के गलत फैसलो व गलत सदस्यता अभियान चलवा कर,हठधर्मिता से आयोजित कराने का आरोप
लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क 
जयपुर।  अखिल भारतीय बैरवा महासभा पंजीकृत (एस है277 जे.एस.सी 29 .4 .1946)* के राष्ट्रीय चुनाव तथा राजस्थान प्रदेश के चुनाव *5-दिसबंर -2025 को* कराए जाने बाबत *राष्ट्रीय चुनाव कमेटी एवं समाज के वरिष्ठ जनों की मीटिंग जयपुर में आयोजित की गई ।
राजस्थान प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री एडवोकेट मोहन प्रकाश बैरवा ने चुनाव में हो रही अनमियतताओ बाबत राष्ट्रीय चुनाव समिति को एवं कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित वर्मा , कार्यवाहक राष्ट्रीय महामंत्री मुंशीलाल कुंडारा ,को पत्र देकर सही तरीके से चुनाव निष्पादित करवाने का निवेदन उपस्थिति पदाधिकारियों व चुनाव समिति के सम्मुख किया गया।  राजस्थान के जिला अध्यक्षों एवं महामंत्रियों के द्वारा प्राप्त सूचनाओं /शिकायतों का निवारण करने का,राजस्थान में सदस्यता अभियान में प्रदेशाध्यक्ष कजोडमल बैरवा  के द्वारा लगभग राष्ट्र से प्राप्त 1700-1800 सौ सदस्यता डायरियां सही प्रकार से जिलों में वितरण नहीं करने की। पदाधिकारियों एवं आम सदस्यों से शिकायतें प्राप्त होने के उपरांत उक्त शिकायतों का निवारण करने के लिए राष्ट्रीय चुनाव समिति एवं राष्ट्रीय शीर्ष पदाधिकारियों को लिखित पत्र कार्य .प्रदेश महामंत्री एडवोकेट मोहन प्रकाश बैरवा के द्वारा दिया गया।
राष्ट्रीय विचार गोष्ठी के पांच प्रस्ताव पास किए गए थे उसका पत्र भी चुनाव कमेटी को दिया गया ।
सभी प्राप्त शिकायतों के निराकरण के लिए चुनाव आयोग एवं शीर्ष पदाधिकारियों को पत्र देने के बाद भी चुनाव आयोग द्वारा उनका निराकरण नहीं किया गया, जिससे साफ प्रतीत होता है कि  चुनाव समिति किसी ना किसी पूर्व या वर्तमान पदाधिकारियों की या व्यक्ति विशेष के दबाव में काम कर रही है।
अखिल भारतीय बैरवा महासभा के संविधान की धारा 7 धारा 20 धारा 25 की खुली अवहेलना चुनाव समिति के द्वारा करते हुए अपने मन मुताबिक किसी अपने चहेते व्यक्ति को अध्यक्ष एवं महामंत्री बनाने का षड्यंत्र चुनाव समिति एवं प्रदेशाध्यक्ष
द्वारा किया जा रहा है।

कई जिलों में विरोधाभास है, प्राप्त सूचनाओं के आधार पर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भविष्य में कई जिले चुनाव का बहिष्कार भी कर सकते हैं ,जिसके कारण बैरवा समाज की एवं महासभा की बदनामी होने का अंदेशा है तथा उपस्थित लोगों की जन भावनाओं को नजर अंदाज करके चुनाव आयोग को 3-4 माह के लिए सदस्यता अभियान बढ़ाने में क्या एतराज था , सभी की एक राय थी कि चुनाव होने चाहिए लेकिन संविधान के तहत एवं सुव्यवस्थित सदस्यता अभियान चलवाया जाकर नियमों के तहत चुनाव करवाए जाने पर सभी ने सहमति दी थी* लेकिन चुनाव आयोग सभी की बातों को नजरअंदाज करके संगठन में बिखराव की स्थिति पैदा कर दी भविष्य में होने वाली सभी समस्याओं के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार रहेगा।
यह पत्र इसीलिए लिखा है कि समाज के सामने वास्तविकता एवं सच्चाई सामने आनी चाहिए ,समाज को पता लगना चाहिए कि चुनाव आयोग के द्वारा ऐसे गलत कार्य किन व्यक्तियों के दबाव में तथा किस परिलाभ में व जन भावनाओं को नजर अंदाज करते हुए क्यों किये जा रहे हैं।
राष्ट्रीय चुनाव समिति के द्वारा संगठन के कार्य भी निष्पादित किए जा रहे हैं , मतदाता सूची टाइप करवा कर उसे प्रमाणित करने का संविधान में अधिकतर प्रदेश महामंत्री का तथा प्रदेश कोषाध्यक्ष का होता है लेकिन मतदाता सूची कहां टाइप हो रही है तथा उसे कौन प्रमाणित कर रहा है इसकी अभी तक हमें कोई जानकारी नहीं लेकिन राजस्थान चुनाव केंद्र प्रभारी  रघुराम सुलानिया  के उद्बोधन से यह प्रतीत हुआ कि उक्त संगठन के सभी कार्य भी उनके द्वारा किए जा रहे हैं जो कि चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन है तथा महासभा के संविधान के खिलाफ है।
महासभा के संविधान को मृत प्राय करते हुए चुनाव 5 अक्टूबर 2025 को कराए जाने बाबत मुख्य चुनाव अधिकारी मदनलाल ललावत  (पूर्व महापौर)व राजस्थान चुनाव अधिकारी रोडू राम सुलानिया  व उनकी टीम के द्वारा सभी के प्रस्तावों को नामंजूर करते हुए,अपनी हठ-धर्मिता दिखाते हुए तथा संविधान की अनुपालन न करते हुए चुनाव कराए जाने की घोषणा की ।
*मध्य प्रदेश के केंद्र प्रभारी  मदनलाल में मीमरोट (पूर्व तहसीलदार ) ने चुनाव आयोग को तीन माह सदस्यता अभियान बढ़ाए जाने के लिए कहा, लेकिन उनकी बात को भी नजरअंदाज किया गया!*
बड़े ही आश्चर्य की बात है कि इतने बड़े प्रदेश मध्य प्रदेश के चुनाव प्रभारी  के द्वारा एवं उपस्थित लोगों के तथा राजस्थान के सभी जिलों के द्वारा *3 माह सदस्यता अभियान को बढ़ाकर चुनाव आगे करवाने का निवेदन किया गया* ,लेकिन दो-तीन पदाधिकारियों की हाठ -धर्मिता की वजह से गलत फैसले को अंजाम दिया गया।
*सभी ने कार्य.राष्ट्रीय महामंत्री मुंशीलाल कुंडारा  को चुनाव आयोग को बर्खास्त करने बाबत निवेदन किया गया।*
चुनाव गलत व संविधान विरोधी हो रहे हैं।
*कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष  ललित वर्मा ने अपने उद्बोधन* में अपने कार्यकाल की परेशानियों के बारे में अवगत करवाया तथा चुनाव कराने का निवेदन किया। उनके द्वारा भी चुनाव आयोग को प्राप्त शिकायतों के निवारण के बारे में कोई सुझाव नहीं दिए गए।

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