लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
11 किमी लंबी वाहन रैली
बारां। यूजीसी बिल के विरोध में आज बारां नगर सवर्ण समाज के ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन का साक्षी बना। हजारों की संख्या में मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं पुरुषों ने एक किलोमीटर से अधिक लंबी विशाल वाहन रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। रैली का आरंभ श्रीराम स्टेडियम से हुआ, जो नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई प्रताप चौक पर संपन्न हुई।
विशाल वाहन रैली
इस विशाल वाहन रैली में सवर्ण समाज के सभी घटकों की सहभागिता देखने को मिली। रैली का नेतृत्व मातृशक्ति ने किया, जबकि युवा एवं पुरुष वर्ग अनुशासित कतारबद्ध स्वरूप में अपने वाहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ते रहे। सड़कों पर लहराते काले ध्वज, हाथों में काले झंडे, बांहों पर काली पट्टियाँ और विरोधी नारों से लिखी तख्तियाँ इस आक्रोश को स्पष्ट रूप से व्यक्त कर रही थीं।
कई नेताओं ने किया संबोधित
प्रताप चौक पर आयोजित सभा को कोटा से पधारे समता आंदोलन के अग्रणी मुख्य वक्ता डॉ. अनिल शर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने यूजीसी बिल को “काला कानून” बताते हुए कड़े शब्दों में इसकी आलोचना की। डॉ. शर्मा ने कहा कि आरक्षण कुछ वर्षों और सीमित वर्गों के लिए था, लेकिन समय के साथ यह वोट बैंक की राजनीति में बदल गया है, जहां सवर्ण समाज की कोई सुनवाई नहीं हो रही।
सभा को समता आंदोलन से पधारे राजेंद्र गौतम ने भी संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “हम सब सवर्ण एक हैं और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमें हमारे अधिकार नहीं मिल जाते।”
सरकार के प्रति कठोर निंदा:
वक्ताओं और उपस्थित जनसमूह ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यूजीसी बिल के नाम पर शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाया जा रहा है। यह कानून समान अवसरों के संवैधानिक सिद्धांतों के विरुद्ध जाकर प्रतिभा, परिश्रम और मेरिट को कुचलने का प्रयास है।
इस विशाल विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से ललित मोहन खंडेलवाल, खेमराज सिंह रहलाई, नीरज नयन शर्मा, भानु पोरवाल, मनोज शर्मा, हरीश शर्मा, भगवान शर्मा, हरी ओम अग्रवाल, हितेश खंडेलवाल, राज सक्सेना, राधा शर्मा, किरण भार्गव, महेंद्र शर्मा, रामेश्वर शर्मा, अंकुर सनाढ्य, नीतू गुप्ता, तरु शर्मा, शिल्पा ठाकुरिया, कुंदन हाडा, सरिता गौड, हेमा गौड़, संजू राठौर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे।
