लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
आरोपी कर्नाटक, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश , दिल्ली, पंजाब, त्रिपुरा,उत्तरप्रदेश में दे चुका परीक्षाएं
हाईटेक नकल गिरोह का खुलासा, एसओजी ने सहयोगी अजीत कुमार को किया गिरफ्तार
स्मार्ट डिवाइस और ब्लूटूथ से प्रश्न पत्र बाहर भेजकर हल करवाने का खुलासा, कई राज्यों की परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थी बनकर शामिल होने का आरोप
जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित सहायक अभियंता (सिविल) प्रतियोगिता परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट बैठाकर नकल कराने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। एसओजी ने इस मामले में अजीत कुमार को गिरफ्तार किया है, जो हाईटेक तरीके से नकल कराने में सहयोग कर रहा था।
एसओजी ने की कार्यवाही
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि आरपीएससी द्वारा सहायक अभियंता सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 21 मई 2023 को आयोजित की गई थी। जांच में सामने आया कि मूल अभ्यर्थी इंद्राज सिंह की जगह एक अन्य व्यक्ति को डमी कैंडिडेट बनाकर परीक्षा दिलाई गई थी। इसके लिए प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ कर मूल अभ्यर्थी की जगह दूसरे व्यक्ति की फोटो लगा दी गई थी।
इस संबंध में एसओजी थाना जयपुर में अभियोग संख्या 09/2024 के तहत आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120-बी में मामला दर्ज किया गया था।
मूल अभ्यर्थी के स्थान पर देता था परीक्षा
पुलिस के अनुसार इस मामले में पहले ही मूल अभ्यर्थी इंद्राज सिंह, सहयोगी आरोपी परमेश्वर लाल और सलमान खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। वहीं डमी परीक्षार्थी गुरदीप दास पुत्र सज्जन कुमार निवासी हिसार (हरियाणा) को 27 फरवरी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था।
परिस देशमुख के निर्देशन पर हुई कार्रवाई
एसओजी के उपमहानिरीक्षक परिस देशमुख के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह की टीम द्वारा की गई पूछताछ में गुरदीप दास के एक और सहयोगी अजीत कुमार पुत्र दयाराम (36) निवासी हिसार, हरियाणा का नाम सामने आया। इसके बाद एसओजी ने 8 मार्च 2026 को अजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में खुलासा हुआ कि गुरदीप दास परीक्षा केंद्र में विशेष प्रकार की स्मार्ट डिवाइस लेकर जाता था और प्रश्न पत्र की फोटो लेकर बाहर भेज देता था। बाहर मौजूद अजीत कुमार इन प्रश्नों को इंटरनेट और सॉल्वर की मदद से हल करवाकर उनके उत्तर वापस भेज देता था, जिससे परीक्षा में नकल कराई जाती थी।
कई प्रदेशों में दे चुका परीक्षा
एसओजी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड, पंजाब, त्रिपुरा और दिल्ली सहित कई राज्यों में आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में इसी तरह फर्जी अभ्यर्थी बनकर शामिल हो चुके हैं।
पुलिस ने पूछताछ के बाद इस अपराध में इस्तेमाल की गई विशेष इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी बरामद कर ली है। फिलहाल एसओजी इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
