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कक्षा में मोबाइल उपयोग को लेकर विवाद, मॉडल स्कूल में शिक्षण कार्य बाधित

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

रियाँबड़ी (नागौर)

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

रियाँबड़ी शहर स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में कक्षा-कक्ष के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर उत्पन्न विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब प्रधानाध्यापक द्वारा की गई कार्रवाई से नाराज शिक्षकों ने शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर दिया। इससे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था अस्थायी रूप से प्रभावित हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय में अध्यापक रामकिशोर द्वारा कक्षा के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग किए जाने की शिकायत विद्यार्थियों द्वारा प्रधानाध्यापक से की गई थी। विद्यार्थियों का आरोप था कि मोबाइल उपयोग के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनका ध्यान भंग हो रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रधानाध्यापक ने इसे शिक्षण की गुणवत्ता एवं अनुशासन के विरुद्ध मानते हुए संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया तथा मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी।
प्रधानाध्यापक की इस कार्रवाई से विद्यालय के कुछ शिक्षक असंतुष्ट हो गए और उन्होंने सामूहिक रूप से निर्णय लेते हुए शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर दिया। शिक्षकों के बहिष्कार के कारण विद्यालय में अध्ययन कार्य बाधित हुआ और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामले की सूचना मिलते ही रियाँबड़ी उपखण्ड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा विद्यालय पहुंचे और मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा विद्यालय प्रशासन से अलग-अलग बातचीत कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों द्वारा की गई शिकायत की पुष्टि हुई।
उपखण्ड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि प्राप्त तथ्यों एवं विद्यार्थियों के बयानों के आधार पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी शिक्षकों को आपसी समन्वय, अनुशासन और छात्रहित को प्राथमिकता देने की समझाइश दी।
प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद शिक्षकों ने शिक्षण कार्य बहिष्कार समाप्त किया और विद्यालय में पुनः नियमित अध्ययन कार्य प्रारंभ करवा दिया गया। वर्तमान में विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में विद्यालय में अनुशासन भंग करने अथवा शिक्षण व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

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