लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
1100 करोड़ की ठगी में 6 आरोपी गिरफ्तार
जोधपुर। जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 1100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भारत में फर्जी सिम कार्ड जारी कर उन्हें मलेशिया के माध्यम से कंबोडिया भेजता था, जहां से इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग स्कैम संचालित किए जाते थे।
जांच में सामने आया पैटर्न
पुलिस आयुक्त श्री ओमप्रकाश (आईपीएस) ने बताया कि बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विशेष तकनीकी विश्लेषण किया गया। जांच में पाया गया कि कई व्हाट्सऐप नंबर कंबोडिया से ऑपरेट हो रहे थे, जबकि सिम भारतीय नागरिकों के नाम पर जारी थीं।
रिवर्स ट्रेल विश्लेषण में लगभग 2.30 लाख सिम का डेटा सामने आया, जिनमें से 36 हजार सिम कंबोडिया में सक्रिय पाई गईं। इनमें से लगभग 5,300 सिम के जरिए देश के विभिन्न राज्यों में 1100 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई।
सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल
जांच में पता चला कि सिम विक्रेता ग्राहकों को फिंगरप्रिंट और फोटो स्कैनिंग में त्रुटि का बहाना देकर अतिरिक्त सिम अपने पास रख लेते थे। ये फर्जी सिम बाद में गिरोह के अन्य सदस्यों को मलेशियाई नागरिकों को उपलब्ध कराए जाते थे, जो इन्हें कंबोडिया स्थित साइबर ठग कॉल सेंटरों में इस्तेमाल करते थे।
गिरफ्तार आरोपी
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी हैं:
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हेमन्त पंवार (नागौर)
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रामावतार राठी (नागौर)
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हरीश मालाकार (किशनगढ़, अजमेर)
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मोहम्मद शरीफ (जोधपुर)
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प्रकाश भील (जोधपुर)
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संदीप भट्ट (लुधियाना, पंजाब)
पुलिस ने विदेशी मलेशियाई नागरिकों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी कर दिया है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस आयुक्तालय स्तर पर विशेष एसआईटी का गठन किया जा रहा है। इसके अलावा कंबोडिया में सक्रिय लगभग 5,000 फर्जी सिम और उनके व्हाट्सऐप अकाउंट को बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (14C) के सहयोग से देश और विदेश में सक्रिय साइबर ठग गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।
ओमप्रकाश, पुलिस आयुक्त, जोधपुर:
“हम साइबर अपराधों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और अंतर्राष्ट्रीय गिरोहों को भी चिन्हित कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड को रोकना और पीड़ितों को न्याय दिलाना।”