लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
चूरू/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को चूरू के जिला खेल स्टेडियम में आयोजित गौरव सेनानी समारोह में देशभक्त और वीर सपूतों को सम्मानित किया। समारोह के दौरान उन्होंने राजस्थान के सैनिकों के त्याग और बलिदान को याद किया और चूरू के जिला खेल स्टेडियम का नाम लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर रखने की घोषणा की।
समारोह में मुख्य बातें
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के वीर हमेशा राष्ट्र सेवा में अग्रणी रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते; वे आजीवन राष्ट्र और समाजहित में कार्य करते हैं।
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भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।
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वीर सैनिकों और वीरांगनाओं का त्याग सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
सैनिक कल्याण के लिए राज्य सरकार की पहल
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एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्पलेक्स का निर्माण: एक ही छत के नीचे जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, युद्ध स्मारक, सैनिक कैंटीन, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन उपलब्ध होंगे।
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पहले चरण में जोधपुर, टोंक, शेरगढ़ और झुंझुनूं में कॉम्पलेक्स निर्माण, कुल लागत 36 करोड़ रुपये।
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जोधपुर में मेाजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र और झुंझुनूं में ‘वॉर म्यूजियम’ की स्थापना।
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पूर्व सैनिकों के मानदेय में पिछले 2 साल में 20% बढ़ोतरी, द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों की पेंशन ₹10,000 से ₹15,000 प्रति माह।
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आरटीडीसी के होटलों और गेस्ट हाउसों में वीरांगनाओं को 50% और सेवारत/पूर्व सैनिकों को 25% की छूट।
अन्य मुख्य घटनाक्रम
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लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि एक्स सर्विसमैन सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस के रूप में राष्ट्र और समाज के लिए सक्रिय रहते हैं।
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समारोह में पूर्व सैनिकों को सम्मान, जॉब लेटर वितरण और प्रदर्शनी का अवलोकन।
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कार्यक्रम में चूरू विधायक हरलाल सहारण, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, वीर नारियां और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री का संदेश
“सैनिकों का त्याग और बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। वीर सपूत और उनके परिवारों की सेवा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारी सरकार उनके लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध करा रही है।”
यह समारोह राजस्थान में वीर सैनिकों और उनके परिवारों के योगदान को सम्मानित करने तथा समाज में राष्ट्रभक्ति और सेवा की भावना को प्रेरित करने के लिए आयोजित किया गया।