लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
10 साल पहले कुत्ते के काटने से हुई थी 6 वर्षीय रूकमा की मौत, समाज की मान्यता के अनुसार मृतका की याद में की गई रस्म
चौमहला, झालावाड़। झालावाड़ जिले के चौमहला कस्बे में एक अनोखा मामला सामने आया। बस स्टैंड के समीप हेडपंप के पास उस स्थान पर समाज के लोग एकत्र हुए, जहां करीब 10 साल पहले 6 वर्षीय बालिका रूकमा कंजर की मौत हुई थी। समाज की महिलाओं और पुरुषों ने यहां पहुंचकर पारंपरिक रस्में निभाईं और मृतका की याद में उस स्थान पर पूजा-अर्चना की।
अलग-अलग गांवों से पहुंचे समाज के लोग
गंगधार थाना क्षेत्र के रावतपुरा, उन्हेल थाना क्षेत्र के हाजड़िया और झालरापाटन क्षेत्र के किशनपुरा से कंजर समाज के महिला-पुरुष चौमहला पहुंचे। इस दौरान ढोल की थाप पर महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से नृत्य किया।
इसके बाद जिस स्थान पर रूकमा की मौत हुई थी, वहां फूल, अगरबत्ती और नारियल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की गई। रस्म पूरी करने के बाद समाज के लोग वहां से एक शिला अपने साथ ले गए।
समाज की मान्यता के अनुसार निभाई रस्म
समाज की महिलाओं का कहना था कि रूकमा की मृत्यु के बाद चौदस और अमावस्या के अवसर पर वह उनके सपनों में आती थी। महिलाओं के अनुसार सपने में रूकमा बार-बार उन्हें वहां से ले जाने के लिए कहती थी।
समाज के लोगों ने बताया कि उनकी पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार मृतका की याद से जुड़ी रस्म पूरी करने के लिए वे उस स्थान से शिला लेकर जा रहे हैं। इसी मान्यता के तहत वहां पूजा-अर्चना की गई और शिला को अपने साथ ले जाया गया।
10 साल पुरानी घटना फिर चर्चा में
बताया गया कि रूकमा की करीब 10 वर्ष पहले कुत्ते के काटने के बाद मौत हो गई थी। अब समाज के लोगों द्वारा उसकी मृत्यु के स्थान पर की गई रस्म के बाद यह मामला चर्चा में आया है। पूरे घटनाक्रम के दौरान समाज की पारंपरिक मान्यताएं और रीति-रिवाज देखने को मिले।