लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक) । उनियारा उपखंड के सुरेली कस्बें में गुरुवार को श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान श्रीजी पर जलाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। मूलनायक भगवान पारसनाथ पर वृहत शांतिधारा मोहनलाल जैन बाकलीवाल सपरिवार ने की। वही पाण्डुकशिला पर विराजमान श्रीजी पर शांतिधारा हेमचन्द सौगाणी ने की।इससे पूर्व सुबह मूलनायक भगवान पारसनाथ का अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान की शांतिधारा,नित्य नियम पूजा, इंद्रप्रतिष्ठा,माडना प्रतिष्ठा,मंगल कलश स्थापना के साथ पार्श्वनाथ मंडल विधान की शुरुआत की गई। विधान समाप्ति के बाद शाम को भगवान का अभिषेक एवं कलशमाल सिर पर धारण करने का सौभाग्य तरुण कुमार बज सवाई माधोपुर को प्राप्त हुआ। तत्पश्यात विश्व में सुख शांति और समृद्धि की कामना करते हुए शांतिधारा की गई।

पंडित प्रिंस जैन शास्त्री देवांश ने बताया कि पारसनाथ भगवान की मूर्ति के दर्शन मात्र से ही जीवन में शांति का अहसास होता है। भगवान पार्श्वनाथ की पूरी जीवन यात्रा पुरुषार्थ एवं धर्म की प्रेरणा से भरी हुई थी। भगवान पार्श्वनाथ ने जैन दर्शन के रूप में शाश्वत सत्यों का उद्घाटन किया। इस मौके पर जैन समाज की महिलाओं ने धार्मिक भजनों पर भक्ति नृत्य करते हुए जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया। कार्यक्रम में बनेठा,ईसरदा, सवाई माधोपुर,चौथ का बरवाड़ा सहित कई स्थानों के जैन श्रद्धाल मौजूद थे।