दिनांक 23-07-202
जयपुर।( लोक टुडे संवाददाता) जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के शिक्षक 22 जुलाई स सोमवार से सप्तम वेतनमान के बकाया एरियर की मांग को लेकर सामूहिक अवकाश पर रहते हुए विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। गौरतलब है कि राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय राजस्थान राज्य का एक मात्र विश्वविद्यालय है जहाँ के शिक्षकों को राज्यादेश के बाद भी आज तक सातवें वेतन आयोग के एरियर का भुगतान नहीं किया गया है।
जवकि विश्वविद्यालय के अशैक्षणिक कर्मचारियों के एरियर का भुगतान 2018 में ही किया जा चुका हैऔर विश्वविद्यालय की पूर्वकुलपति डॉ. अनुला मौर्य को भी सप्तम वेतनमान के एरियर का भुगतान किया जा चुका है। विश्वविद्यालय के शिक्षक 2018 से ही लगातार इस एरियर के भुगतान की मांग करते आ रहे हैं। शिक्षको ने अपनी इस मांग को लेकर मार्च माह में भी धरना दिया था, किन्तु 5 मार्च 2024 को विश्वविदायलय के कुलपति प्रोफेसर रामसेवक दुबे ने 30 अप्रैल तक एरियर के भुगतान का आश्वासन दिया था जिसके बाद शिक्षकों ने धरना समाप्त कर दिया था। किन्तु जुलाई तक भी विश्वविद्यालय द्वारा एरियर भुगतान नहीं होने पर विवश होकर 22 जुलाई से विश्वविद्यालय के शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर चले गये।
