जयपुर I अनुसूचित जाति, जनजाति, अत्याचार निवारण संयुक्त संघर्ष समिति एवं डॉक्टर अंबेडकर वेलफेयर सोसायटी की ओर से जन आक्रोश रैली बुधवार को शहीद स्मारक जयपुर से निकाली जाएगी I
डॉक्टर अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के सचिव अनिल गोठवाल ने बताया कि जालौर में छात्र की पिटाई के बाद मौत, इससे पूर्व पाली में मूछें रखने पर गरीब छात्र की हत्या और प्रदेश में लगातार दलितों पर बढ़ते अत्याचारों के विरोध में,महिलाओं के साथ रेप और दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं के विरोध में 24 अगस्त को सुबह 11:00 बजे शहीद स्मारक से एससी एसटी के सभी सामाजिक संगठनों कर्मचारी अधिकारी संगठनों की ओर से आक्रोश रैली निकाली जाएगी I रैली शहीद स्मारक से रवाना होकर, एमआई रोड हो कर सिविल लाइन फाटक पहुंचेगी I सिविल लाइन फाटक पर सभा का आयोजन किया जाएगा और एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम पर ज्ञापन देगा I गोठवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार में लगातार इस तरह की घटनाएं बढ़ रही है I अत्याचार बढ़ रहे हैं और इन तरह के मामलों में सरकार भी सहायता राशि देने में भी भेदभाव पूर्ण व्यवहार अपना रही है I जिसको लेकर लोगों में नाराजगी है I कहीं पर इस तरह की घटनाओं में सरकार 50- 50 लाख और सरकारी नौकरी देती है I तो कहीं पर एक नौकरी और 50 लाख के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है I हाल ही में जयपुर में एक पुजारी के आत्मदाह करने पर उसके परिजनों को ₹10 लाख नगद, एक सरकारी नौकरी, वाइफ की पेंशन, बेटियों को पालनहार योजना जोड़ा गया, एक डेयरी दी गई I जबकि इसी तरह की राजस्थान में हुए घटना में सरकार ने कई नियम और कायदे लगा दिए I जबकि मृतका ने पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने का आरोप लगाया था I मरने से पूर्व यह बयान दिया था इसके बावजूद सरकार ने मदद करने में भी भेदभाव किया I जबकि इसी तरह का मामला दोसा में हुआ था जहां पर एक पुजारी पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया गया था I सरकार ने उसके परिजनों को 5000000 रुपए, सरकारी नौकरी और डेयरी बूथ आवंटन किया था I तो फिर दलित समाज के साथ ऐसा क्यों? इन तमाम बातों को लेकर समाज में गहरा आक्रोश है I एक ही तरह के मामलों में राजस्थान सरकार की दोहरी नीति से दलित आदिवासी समाज में आक्रोश है I सरकार की तरफ से अपनाई जा रही भेदभाव पूर्ण नीति को लेकर भी लोगों में गहरा आक्रोश है I इसलिए जन आक्रोश रैली निकाली जाएगी I
