एसपी व कलेक्टर को ज्ञापन दिया
नागौर। ( श्याम माथुर वरिष्ठ संवाददाता)- फौज में नौकरी के बाद गोशाला में सुधार कार्य करना एक फौजी और उसके परिवार को भारी पड़ रहा है। गोशाला के खाते में राशि जमा होने से कथित पंचों को फायदा नहीं मिलने की स्थिति में पूरे परिवार को ही समाज से बेदखल कर दिया गया। जिसकी शिकायत अब नागौर एसपी व कलेक्टर के पास पहुंची है।
फौजी को पहले बनाया गौशाला अध्यक्ष
जिले के खींवसर थाना क्षेत्र के डेहरू गांव के निवासी बुधाराम पुत्र देराजराम जाट फौज से रिटायर्ड होकर गांव में गोशाला का काम देख रहे हैं । ये जिम्मेदारी ग्रामीणों ने ही फौजी को दी थी। इस पर फौजी ने गोशाला में आय-व्यय, गायों व बछड़ों की सेवा करने जैसे कई सुधार किए। इसके साथ ही गोशाला के लिए दो बार भागवत कथा का आयोजन करवाकर करीब 75 लाख रुपए गायों के लिए ग्रामीणों के सहयोग से जुटाए। गोशाला अध्यक्ष बुधाराम फौजी की देखरेख में गायों के लिए एकत्रित राशि फौजी ने गोशाला के खाते में डलवा दी। जबकि ये राशि गांव के कथित स्वयंभू पंच (खाप पंचायत) अपने पास लेना चाहते थे ताकि इसका उपयोग कर सके। लेकिन फौजी द्वारा नहीं दिए जाने पर पंच नाराज हो गए औरगांव व समाज से बाहर करते हुए हुक्का-पानी बंद कर दिया।
फौजी ने आठ लोगों के खिलाफ कराया मुकदमा दर्ज
रिटायर्ड फौजी बुधाराम ने डेहरू निवासी आठ लोगों के खिलाफ हुक्का-पानी बंद करने का आरोप लगाते हुए एसपी व कलेक्टर को शिकायत दी है । बुधाराम ने ज्ञापन में बताया कि आरोपी माधाराम के पास अभी भी 25 लाख रुपए गोशाला के है। जो पंच ही काम ले रहे है तथा उसने 11 लाख रुपए की वसूली करके गोशाला के खाते में डलवा दिए है। । उन्होंने बताया कि ग्रामीणों में इन लोगों को लेकर डर फैला हुआ है जिस कारण से कोई बोल नहीं रहा है। वहीं, ये आठ पंच पूरे गांव में कमजोर लोगों को बड़े फैसले सुनाकर परेशान करते है।
सारी लड़ाई पैसों की बंदरबांट की
बुधाराम ने बताया कि गोशाला में सुधार होने और आय-व्यय का सही ब्यौरा होने से पंचों को लाभ मिलना बंद हो गया। ग्रामीणों ने उसको 2022 में अध्यक्ष बनाया था। उस समय अनुदान व जन सहयोग से मिलने वाली राशि ये पंच ही रखते थे तथा खुद के निजी कार्यों में काम लेते थे। जबकि मेरे पदभार संभालने के बाद जब इनको फायदा मिलना बंद हुआ तो रंजिश रखने लगे।
खांप पंचायत में किया जात बाहर
इस पर 5 जुलाई 2024 को ग्रामीणों को इक्कठा कर मुझे समाज से बहिष्कृत कर दिया। इसके साथ ही मुझ पर 21000 रुपए का अर्थ दंड का फैसला सुनाया। ज्ञापन में ये भी लिखा है की आरोपियों ने ग्रामीणों को भी डराया कि फौजी के परिवार को कोई दुकानदार सामान नहीं देगा और न ही तालाब से पानी का टैंकर डालेगा। एसपी को दिए ज्ञापन में रिटायर्ड फौजी बुधाराम ने बताया कि कथित पंच गोशाला की राशि उनको नहीं सौंपने पर गांव से बहिष्कृत करने के बाद अब जान से मारने की धमकी भी दे रहे है।
1 महीने से परिवार घर में कैद रहने को मजबूर
ये सभी गोशाला के रुपए खाते से निकालकर खुद के पास लेने के लिए दबाव बना रहे है। जिस कारण से फौजी परिवार सहित घर में एक महीने से बंद है। फौजी ने कहा कि अगर गायों के हित में काम करते हुए उसको न्याय नहीं मिला तो गलत कदम उठाना पड़ सकता है। बुधाराम ने बताया कि इससे मेरे परिवार व मेरी भावनाओं को ठेस पहुंची है।
दूसरी और पंचों ने आरोपों को निराधार बताया है पंचोॅ का कहना है कि यह सारा खेल गौशाला पर कब्जा करने का है ।फौजी इस गौशाला पर कब्जा करना चाहता हैं । जबकि पंचायत चाहती है कि इसका कमांड पूरे गांव वालों के पास ही हो, किसी एक व्यक्ति के पास नहीं हों। असल माजरा क्या है यह तो पुलिस जांच के बाद भी पता लग सकेगा फिलहाल तो फौजी और उनके परिवार को कुछ खांप पंचायत के लोगों ने जात से बाहर कर दिया है जिसके चलते पूरा परिवार परेशान हो रहा है और न्याय के लिए स्पा जिला कलेक्टर सबसे गुहार लगा चुका है
