झालावाड़ अकलेरा -मनोहरथाना।( संवाददाता राजकुमार शर्मा)
झालावाड़ जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कामखेड़ा बालाजी धाम पर श्रावण माह के सम्पूर्ण होने के उपरांत भी मंगलवार को दर्शन पूजा अर्चना पैदल पदयात्रा का जनसैलाब दिन और रात चौगुना रहा। मंदिर पुजारी दीपक वैष्णव ने बताया कि मंगलवार शनिवार को सब से अधिक श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता है बाकी दिनों में कम श्रद्धालू आते हैं परन्तु सोमवार मंगलवार बुधवार को भी दर्शन करने आते वैसे ही शुक्रवार शनिवार रविवार को भी दर्शन करने आते, परंतु शनिवार मंगलवार सब अधिक श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता है। बबलू मीणा बंदा जागीर ने बताया कि कामखेड़ा बालाजी धाम पर मध्यप्रदेश उत्तरप्रदेश गुजरात सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं की भी कामखेड़ा बालाजी धाम से आस्था जुड़ी हुई इस लिए कामखेड़ा बालाजी धाम पर आते हैं । मान्यताओं की अगर बात करें तो कामखेड़ा बालाजी धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं, तो यहां पर श्रद्धालू भजन संध्या जागरण, भोजन भंडारे आदि धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करवाते हैं।
कामखेड़ा बालाजी धाम पर श्रावण भादवा में पैदल पदयात्रा के साथ साथ भक्त दंडवत प्रणाम करते हुए भी आते हैं छोटे बच्चों बड़े बुजुर्ग महिला सभी के हाथों मे लाल ध्वजा झंडा लेकर जय श्री राम के जयकारों के साथ कामखेड़ा बालाजी धाम पैदल पदयात्रा करते हुए कामखेड़ा बालाजी धाम पर पहुंचते हैं। प्रातः काल की आरती के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब अपर संख्या में उमड़ता है वही मंदिर प्रांगण में पैर रखने तक की जगह नहीं होती है्। मंदिर सहित मंदिर के मुख्य दोनों गेटों पर अपर संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा सकती है । कामखेड़ा बालाजी सार्वजनिक ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को दर्शन के लिए लगभग सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कामखेड़ा बालाजी धाम पर दर्शन किए । व्यापार संघ अध्यक्ष माणकचन्द मीणा ने बताया कि कामखेड़ा के कस्बे के मुख्य बाजारों में होटल रेस्टोरेंट के साथ-साथ खेल खिलौने की दुकानों पर दुकानदारों की अच्छी खासी बिक्री होती है इन सब में सबसे अधिक लाठी और तलवार की दुकान मुख्य आकषर्ण का केंद्र रही । स्थानीय मंदिर के महंत लोकेश वैष्णव ने बताया कि श्रावण भादवा माह में मेला जैसा माहौल रहता है दिन और रात श्रद्धालुओं का आने-जाने का सिलसिला चलता रहता है । भारतीय किसान संघ अध्यक्ष रंगलाल मीणा
ने बताया कि कामखेड़ा मार्ग पर दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के साथ-साथ अन्य विभिन्न मार्गों पर जाम जैसे हालात रहते हैं इसीलिए सड़क मार्ग का चौड़ीकरण होना अनिवार्य है। हाल ही में अतिक्रमण हटाया गया परंतु पूरी तरह से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। बस स्टैंड पर भी पूरी तरह से अतिक्रमण होने से श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बना हुआ, कामखेड़ा बालाजी धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं ने बताया कि कामखेड़ा बस स्टैंड पर एक तरफ वाहनों का जखीरा खड़ा रहता है आड़ा तिरछा तो दूसरी ओर बस स्टैंड पर दोनों सड़क मार्ग पर अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है, बस स्टैंड पर अतिक्रमण होने से सबसे बड़ी समस्या श्रद्धालू को झेलनी पड़ रही है।
