लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर | (नितिन मेहरा)। ICAR-National Research Centre on Seed Spices, तबीजी में शनिवार 7 मार्च को इंडस्ट्री मीट एवं किसान मेला-2026 का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर संस्थान के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती समारोह से जुड़ी गतिविधियां भी आयोजित होंगी।
संस्थान के निदेशक Dr. Vinay Bhardwaj ने बताया कि कार्यक्रम में देशभर से करीब 2000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। इनमें किसान, कृषि वैज्ञानिक, शिक्षाविद, उद्योग प्रतिनिधि, विद्यार्थी तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारक शामिल होंगे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Bhagirath Choudhary मौजूद रहेंगे। इसके अलावा कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव Dr. Mangilal और Indian Council of Agricultural Research के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ वैज्ञानिक कार्यक्रम में भाग लेंगे।
डॉ. भारद्वाज ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य बीजीय मसाला फसलों के क्षेत्र में उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और किसानों के बीच समन्वय को मजबूत करना है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों के विचार-विमर्श, तकनीकी प्रस्तुतियां, प्रौद्योगिकी पुस्तिका का डिजिटल विमोचन तथा विभिन्न संस्थानों और उद्योगों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे।
सुबह 9 बजे इंडस्ट्री मीट, 11:30 बजे किसान मेले का शुभारंभ
इंडस्ट्री मीट-2026 का शुभारंभ सुबह 9 बजे होगा, जबकि किसान मेला-2026 का उद्घाटन सुबह 11:30 बजे किया जाएगा। इस दौरान वैज्ञानिकों, तकनीशियनों, प्रगतिशील किसानों और उत्कृष्ट स्टॉल को सम्मानित भी किया जाएगा।
निदेशक ने बताया कि भारत मसाला उत्पादन, उपभोग और निर्यात में विश्व में अग्रणी है। देश में लगभग 44 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मसालों की खेती होती है और करीब 111.55 लाख टन उत्पादन के साथ इसका वार्षिक मूल्य लगभग 37-40 हजार करोड़ रुपये है। मसाला क्षेत्र से देश के लगभग 1.9 करोड़ किसान परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है।
उन्होंने बताया कि तबीजी स्थित यह अनुसंधान केंद्र बीजीय मसालों के जर्मप्लाज्म संरक्षण, नई किस्मों के विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्थान अब तक 26 उन्नत किस्में विकसित, 35 से अधिक तकनीकें हस्तांतरित और 5 लाख से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दे चुका है।
इस आयोजन से मसाला क्षेत्र में अनुसंधान, उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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