लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
लाइव डेमो और कस्टमाइज़ेशन ज़ोन बना आकर्षण
जयपुरवासियों ने परिवार और मित्रों के साथ भरी खरीदारी और सांस्कृतिक आनंद
जयपुर (आर एन सांवरिया)। जवाहर कला केंद्र जयपुर के शिल्पग्राम में आयोजित सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 शनिवार को दिनभर श्रद्धा, उत्साह और रंग-बिरंगे माहौल से सराबोर रहा। मेले में बड़ी संख्या में जयपुरवासी अपने परिवार और मित्रों के साथ पहुंचे और हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदारी के साथ लोक कला और संस्कृति का आनंद लिया।
मेले की खासियत रही लाइव डेमो और कस्टमाइज़ेशन ज़ोन। अलवर के कारीगर लाख की चूड़ियाँ, पारंपरिक पोशाकें, मिट्टी के बर्तन और ब्लैक पॉटरी, झुंझुनूं के कलाकार लिप्पन कला, क्रोशिया एक्सेसरीज़ और कढ़ाई, जयपुर के कारीगर अगरबत्ती, और चूरू के कारीगर टाई एंड डाई के नमूने बना रहे थे।
कस्टमाइज़ेशन ज़ोन में आगंतुक अपने पसंद के अनुसार पर्सनलाइज़्ड हस्तनिर्मित वस्तुएँ बनवा सकते थे, जिसमें की-चेन, स्कार्फ, कपड़े, लकड़ी और रेज़िन के बॉक्स आदि शामिल थे।
मेले का स्टाइल स्टूडियो स्टॉल ‘ड्रेस ड्रेप क्लिक’ भी आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ आगंतुक राजस्थानी, गुजराती, मराठी, पहाड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रीय पारंपरिक ड्रेपिंग शैलियों में फोटो खिंचवा सकते थे।
मेले में आयोजित लकी ड्रा ने भी खरीदारों में उत्साह बनाए रखा, और विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। मेले का आयोजन 4 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा।
सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला न केवल खरीदारी का अवसर, बल्कि भारतीय लोक कला, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण का जीवंत उत्सव बनकर उभर रहा है।