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रियाँबड़ी में अज्ञात व्यक्ति का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

पादूकलां (नागौर)। रियांबड़ी बड़ी क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति का अंतिम संस्कार हिंदू धर्म के विधि-विधान से किया गया। यह मामला पादूकलां थाना क्षेत्र का है, जहां लंबे समय से खानाबदोश की तरह हाईवे के आसपास घूमने वाला एक अज्ञात व्यक्ति पिछले चार-पांच दिन पूर्व मृत पाया गया। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम और पहचान की तमाम कोशिशों के बावजूद जब उसकी पहचान नहीं हो पाई, तो मानवता और सेवा की मिसाल पेश करते हुए मेड़ता के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल थानवी ने आगे आकर मृतक का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार करवाया।


जानकारी के अनुसार यह अज्ञात व्यक्ति पिछले दो वर्षों से पादू हाईवे के किनारे खानाबदोश जीवन बिता रहा था। आस-पास के होटल व ग्रामीण लोग समय-समय पर उसे भोजन आदि देकर सहारा देते थे। चार-पांच दिन पहले उसकी मृत्यु हो गई। सूचना मिलने पर पादूकलां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को रियांबड़ी मोर्चरी में रखवाया गया। पादूकलां थाने के एएसआई सुखराम ने मामले की जांच शुरू की और सोशल मीडिया के माध्यम से तथा प्रदेश के सभी थानों में इस व्यक्ति की पहचान हेतु सूचना भिजवाई, लेकिन मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई।स्थिति को देखते हुए एएसआई सुखराम ने मेड़ता नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अनिल थानवी से संपर्क किया। थानवी ने मौके पर पहुंचकर रिया बड़ी हॉस्पिटल में चिकित्सकों से पोस्टमार्टम करवाया और मृतक का हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करवाया। थानवी ने बताया कि यह उनका 141वां ऐसा अंतिम संस्कार है, जो उन्होंने किसी लावारिस शव का करवाया है। यह कार्य वे अपनी माताजी स्वर्गीय शोभा देवी थानवी की स्मृति में स्थापित स्वर्गीय शोभा देवी मेमोरियल सेवा समिति के माध्यम से वर्षों से करते आ रहे हैं।थानवी ने बताया कि यदि नागौर जिले में कहीं भी किसी अज्ञात व्यक्ति का शव मिलता है, तो वे उसके धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार करवाते हैं।

यदि मृतक हिंदू होता है तो हिंदू परंपरा अनुसार, और यदि मुस्लिम होता है तो मुस्लिम रीति-रिवाज से दफनाया जाता है। अंतिम संस्कार के बाद वे मृतक की अस्थियों को हरिद्वार ले जाकर वहां वैदिक पंडितों के माध्यम से तर्पण भी करवाते हैं ताकि मृत आत्मा को शांति मिल सके।थानवी ने कहा कि गुरु पुराण में उल्लेख है कि मनुष्य जीवन में 16 संस्कार होते हैं, जिनमें अंतिम संस्कार सोलहवां और अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार होता है। यदि यह विधि-विधान से संपन्न हो, तो आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही कहा कि यदि किसी मृत व्यक्ति का कोई परिजन न हो, तो यह कर्तव्य ब्राह्मण समाज और सेवा भाव से जुड़े व्यक्तियों का होता है कि वे उसका अंतिम संस्कार करें।इस अवसर पर पादूकलां थाना के एएसआई सुखराम, रिया बड़ी नगर पालिका अध्यक्ष गिरधारी लाल, हॉस्पिटल के मनोज, बाबूलाल बिश्नोई सहित अनेक ग्रामीणों ने भी अंतिम संस्कार में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया।

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