लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने “सशक्त महिला-समृद्ध राजस्थान” के संकल्प को साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सुरक्षा पर केंद्रित अनेक योजनाओं से प्रदेश की आधी आबादी का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हुआ है।
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स्वास्थ्य एवं पोषण: मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत 5 लाख महिलाओं को ₹170 करोड़, जबकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 9.71 लाख महिलाओं को ₹530 करोड़ का लाभ मिला। 1.22 करोड़ महिलाओं-बालिकाओं को हर माह 12 सैनेटरी नैपकिन निःशुल्क वितरित किए जा रहे हैं।

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आर्थिक सशक्तिकरण: नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में ₹199 करोड़ के ऋण, लखपति दीदी योजना से 11 लाख महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं। साथ ही 1.31 लाख स्वयं सहायता समूहों को ₹648 करोड़ और 1.94 लाख समूहों को ₹4,704 करोड़ का ऋण दिया गया।
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बालिका शिक्षा: लाडो प्रोत्साहन योजना में राशि बढ़ाकर ₹1.50 लाख की गई। 10.51 लाख बालिकाओं को साइकिलें और 39 हजार को स्कूटियां दी गईं।
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सामाजिक सुरक्षा: एकल नारी सम्मान पेंशन से 19.15 लाख महिलाओं को ₹5,702 करोड़, विधवा पेंशन से 4.21 लाख महिलाओं को ₹624 करोड़ का लाभ मिला।
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सुरक्षा उपाय: महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1,000 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स, 500 स्कूटियां, और तीन नई महिला बटालियन गठित की गईं।
इन पहलों के साथ राजस्थान अब महिला सशक्तीकरण का अग्रणी राज्य बन रहा है, जहां महिलाएं आत्मविश्वास, गरिमा और समान अवसरों के साथ आगे बढ़ रही हैं।