लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
दीपावली के लिए पटाखों की दुकानों की जगह तय करने में प्रशासन और दुकानदारों के बीच टकराव
मनजीत सिंह, ब्यूरो चीफ |
श्रीगंगानगर । जैसलमेर में हुए बस अग्निकांड के बाद नागरिकों में सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन ने सुरक्षा के महत्व को समझा या सुविधा शुल्क लेकर श्रीकरणपुर के बाजार को दीपावली पर बारूद के ढेर पर बदल देगा?
पटाखों की दुकानों के लिए विवाद
श्रीकरणपुर में दीपावली के त्यौहार पर पटाखों की दुकानों के लिए गवर्नमेंट सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल को निर्धारित स्थान बनाया गया है। लेकिन पिछले वर्षों की तरह पुलिस और नगरपालिका सुविधा शुल्क लेकर दुकानदारों को बाजार के भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में दुकान लगाने की छूट देती रही हैं।
नगरपालिका ईओ संदीप बिश्नोई ने दुकानदारों के साथ दो बार बैठक की, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
पुलिस और दुकानदारों की बैठक
आज पुलिस थाना परिसर में पुलिस के CO संजीव चौहान की अध्यक्षता में CLG सदस्यों, पुलिस मित्रों और पटाखा दुकानदारों की बैठक हुई। बैठक में दुकानदारों को बाजार में अग्रवाल धर्मशाला की खाली जगह पर दुकान लगाने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन दुकानदारों ने पुरानी धानमंडी के पिड़ो में ही दुकान लगाने की इच्छा जताई।
इस पर ईओ संदीप बिश्नोई और CO संजीव चौहान ने स्पष्ट किया कि पुरानी धानमंडी में दुकानों की अनुमति केवल तब दी जाएगी जब वहां के अन्य दुकानदारों को कोई आपत्ति न हो।
नागरिकों की चिंता
स्थानीय नागरिक मानते हैं कि अगर पटाखों की दुकानों को पुरानी धानमंडी में लगने दिया गया, तब भी सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है क्योंकि यह भी बाजार के भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में है।
अब यह देखना बाकी है कि नगरपालिका और पुलिस प्रशासन दुकानदारों को किन स्थानों पर पटाखों की दुकाने लगाने की अनुमति देती है — क्या वे सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे या सुविधा शुल्क लेकर पुराने तरीकों पर ही कायम रहेंगे।