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घर घर बनाई जा रही हैं,,,,,, सेवईया

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

सावन माह लगते ही होती है शुरुआत

सेवई बनवाने में जुटे लोग

रक्षाबंधन पर श्रवण सलोना को लगाते हैं सेवई का भोग

भुसावर,,,,,,,,,,, हमारे भारत देश में अनेकानेक त्यौहार समय-समय पर हिंदू रीति रिवाज एवं परंपरा के अनुसार धूमधाम एवं हर्षोल्लास पूर्वक मनाए जाते हैं। इन्ही त्योहारों में से एक है भाई बहन के अटूट प्रेम का बंधन रक्षाबंधन। हिंदू धर्म में सावन माह का विशेष महत्व माना जाता है जो कि देवों के देव महादेव की आराधना और भक्ति का महीना सावन, श्रवण 11, जुलाई से शुरू हुआ जो की 30, दिनों का होगा जिसमें चार सोमवार सहित 4, मंगला गौरी के व्रत के अलावा 2, प्रदोष, हरियाली अमावस्या, हरियाली तीज, नाग पंचमी, पूर्णिमा और रक्षाबंधन शामिल है।

पंचांग के अनुसार हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को रक्षाबंधन, राखी का त्यौहार मनाया जाता है इस दिन पहने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र,राखी बांधकर लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं तो वहीं दूसरी ओर भाई बहन की सुरक्षा के वचन देने के साथ उपहार देते हैं। इसी सावन माह लगते ही भुसावर सहित उपखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवो के घरों में लोग सेवई, सेवइया बनवाने की तैयारियो में जुट गए हैं। जहां कस्बे भगत राज खिरकारी मोहल्ला दीवली सड़क मार्ग स्थित बल्लो की चक्की, इटामडा सड़क मार्ग, मुंडायरा सड़क मार्ग पर कारीगर सेवई, सेवईया बनाने की तैयारिया शुरू कर दी है।

जहां उनके निवास पर लोगों को विभिन्न रोजगार भी उपलब्ध हों रहा है। वही सेवई बनाने वाले कारीगर संजू सिंघल, सोनू कुमार, महेंद्र सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि सेवई, सेवाईया मैदा, सूजी आदि से बनाई जाती है जहां अगर सेवई बनवाने वाला अपनी सामग्री लाता है तो ₹15 किलो की दर से बनाई जाती है और तैयार मैदा सूजी से निर्मित सेवई अगर लेता है तो ₹60 के लिए कोई दर से हमेशा तैयार मिलती हैं।

वहीं महिला पुष्पा सैन, रेनू, लक्ष्मी जती, चंचल, ममता शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है जहां श्रवण सलोना की पूजा अर्चना करने के बाद सेवई चावल आदि का भोग लगाया जाता है और भगवान से परिवार में सुख, शांति समृद्धि एवं क्षेत्र में खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। वहीं महिलाओं ने बताया कि जिस युवक का नव विवाह हुआ है वह अपने ससुराल शगुन के तौर पर सेवई, चावल लेकर जाता है जहां हमने सावन वहां लगते ही सेवई बनाना आरंभ कर दिया है।

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