– नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर लाएगा दिव्यांगों के जीवन में नया सवेरा
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर।बीते करीब 40 वर्षों से मानव सेवा के लिए समर्पित व राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त गैर-सरकारी संगठन नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर की ओर से रविवार को जयपुर में दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग लगाने के लिए शिविर का आयोजन कर रहा है।
इसका आयोजन मयूरा गार्डन एवं बैंक्वेट हॉल, भादू फार्म हाउस, हीरापुरा सरकारी स्कूल के सामने, डीसीएम, 200 फीट बाईपास, अजमेर रोड, जयपुर में प्रातः 8:00 से सांय 6:00 बजे तक किया जाएगा।
नारायण सेवा संस्थान के हुकम सिंह, आश्रम क्लस्टर हैड, जयपुर ने बताया कि, इसके पूर्व अगस्त में लगाए गए शिविर में जयपुर व आस-पास के क्षेत्रों से आये 400 से अधिक दिव्यांगों की ऑपरेशन के लिए जाँच और कृत्रिम अंगों के लिए मेजरमेंट लिया गया था। उनमें से शिविर में करीब 200 दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग लगाकर उन्हें नया जीवन प्रदान करने का हमारा संकल्प पूर्ण होगा, और भविष्य में भी दिव्यांगजन की सेवा का संकल्प पूर्ण करने के लिए भारत के अलग-अलग शहरों में इस प्रकार के शिविरों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।”
पीआर मैनेजर हरीश बालानी ने बताया कि इस शिविर के लिए चयनित दिव्यांगों की ली गई नाप के अनुसार जर्मन तकनीक से बने, वजन में हल्के, टिकाऊ, मॉड्यूलर एवं उच्च गुणवत्ता वाले नारायण लिम्ब लगाने के साथ ही उनके रख-रखाव और इन्हें लगाकर उपयोग में लेने का प्रशिक्षण भी हमारी एक्सपर्ट टीम द्वारा दिया जाएगा।
इस शिविर के लिए नॉर्मेट इंडिया द्वारा कॉरपोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत योगदान किया जाएगा तथा शिविर में नॉर्मेट इंडिया के कर्मचारी व मैनेजमेंट भी भाग लेंगे।
उल्लेखनीय है कि नारायण सेवा संस्थान 1985 से नर सेवा-नारायण सेवा की भावना से काम कर रहा है। संस्थापक श्री कैलाश मानव को राष्ट्रपति महोदय ने मानव सेवा के लिए पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा है। संस्थान के अध्यक्ष प्रशान्त अग्रवाल दिव्यांगों के लिए मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी के माध्यम से मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक दृष्टि से मजबूत कर लाखों दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा में ला चुके हैं। वर्ष 2023 में अग्रवाल को राष्टृपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। संस्थान भारत व देश-विदेश के लाखों दिव्यांगों की सुधारात्मक शल्य चिकित्सा और कृत्रिम अंग लगा चुका है। संस्थान जयपुर के दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान कर उनकी रुकी जिन्दगी को फिर से शुरू करने के लिए बड़े स्तर पर काम करेगा।
