लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
पटना। बिहार कांग्रेस के प्रभारी और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सहयोगी दल तेजस्वी यादव के नेतृत्व में मजबूती से चुनाव मैदान में उतर चुके हैं।
गहलोत ने कहा कि जब से महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को नेतृत्वकर्ता घोषित किया, उसी दिन से अभियान शुरू हो गया था और अब राहुल गांधी की यात्रा के बाद एक नया जोश और “नैरेटिव” बन चुका है।
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नीतीश कुमार और बीजेपी पर निशाना
गहलोत ने कहा, “नीतीश कुमार जी की छवि अब कमजोर हो चुकी है। कभी वे प्रधानमंत्री पद के दावेदार माने जाते थे, आज बीजेपी वाले भी उन्हें मुख्यमंत्री बनाएंगे या नहीं — ये कहने से बचते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और उसके सहयोगियों ने “धनबल” का भारी दुरुपयोग किया है, जैसा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में देखा गया।
जातिगत जनगणना कांग्रेस की ऐतिहासिक पहल
गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी के दबाव के कारण केंद्र सरकार को जातिगत जनगणना का निर्णय लेना पड़ा।
उन्होंने इसे “राहुल गांधी की बड़ी विजय” बताया और कहा कि “1931 के बाद पहली बार जातिगत जनगणना से देश की योजनाएं वैज्ञानिक आधार पर बन सकेंगी।”
बिहारवासियों को यह भली-भांति मालूम है कि यह फैसला राहुल गांधी की पहल से ही संभव हुआ है।
महागठबंधन का घोषणापत्र और जनता से जुड़ाव
उन्होंने कहा कि 28 अक्टूबर को जारी महागठबंधन का घोषणापत्र जनता से राय लेकर तैयार किया गया है।
इसमें हर घर के लिए ₹25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, फ्री इलाज, फ्री दवाइयां और टेस्ट, बिजली-पानी से जुड़े वादे, और युवा रोजगार को प्राथमिकता दी गई है।
गहलोत ने कहा कि “यह घोषणापत्र जनता की भावनाओं पर आधारित है और इसका असर पूरे बिहार में दिखाई देगा।”
“चुनाव लोकतंत्र का युद्ध है, हिंसा नहीं”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि “लोकतंत्र में चुनाव एक दंगल की तरह होता है, पर इसमें नॉन-वॉयलेंस जरूरी है। बीजेपी लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को भूल चुकी है और धर्म के नाम पर विभाजन की राजनीति कर रही है।”
उन्होंने कहा कि बीजेपी को चालीस प्रतिशत से कम वोट मिलते हैं, यानी देश के सत्तर प्रतिशत लोग उनके खिलाफ हैं, फिर भी वे अहंकार में हैं।
“बदलाव अब जरूरी है”
गहलोत ने कहा, “यह चुनाव केवल बिहार का नहीं बल्कि पूरे देश को संदेश देने वाला चुनाव है। बीस साल से बिहार में जो स्थिति रही है, अब बदलाव जरूरी है। महागठबंधन पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगा और जीत देश के लिए जरूरी है, केवल कांग्रेस के लिए नहीं।”
“राहुल गांधी की पहल से जातिगत जनगणना संभव हुई,
बिहार का मैनिफेस्टो जनता की राय से बना है,
और अब समय है बदलाव का — बिहार के साथ पूरे देश में।”
— अशोक गहलोत, प्रभारी, बिहार कांग्रेस
