लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भरतपुर। सेवर थाना क्षेत्र में घसौला और बरसो गांव के पास स्थित एक मंदिर की जमीन को लेकर शुक्रवार को दोनों गांवों के लोगों के बीच विवाद गहरा गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को मंदिर परिसर से खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल क्षेत्र में शांति है और एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।
दान की जमीन होने का दावा – घसौला पक्ष
घसौला गांव के ब्रज बिहारी ने बताया कि 27 जुलाई 1963 को ग्यासी निवासी प्रताप सिंह, ग्यासी राम और जगन सिंह ने मंदिर के लिए जमीन दान दी थी। इसी आधार पर मंदिर परिसर में दानदाताओं के नाम का बोर्ड लगाया गया। उनका आरोप है कि बरसो गांव के लोगों का इस जमीन पर कोई अधिकार नहीं है और वे कब्जा करना चाहते हैं।

जमीन खरीदने का दावा – बरसो पक्ष
वहीं बरसो गांव के रमेश ने कहा कि गांव के लोगों ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया है। उनका कहना है कि यह जमीन किसी ने दान में नहीं दी, बल्कि बाबा खड़ेश्वरी ने घसौला के लोगों से जमीन खरीदी थी, जिसकी रजिस्ट्री भी मौजूद है। ऐसे में दानदाता का बोर्ड लगाना गलत है। बरसो पक्ष का आरोप है कि घसौला गांव के लोग मंदिर की जमीन को दान बताकर कब्जा करना चाहते हैं।
बोर्ड लगाने को लेकर बढ़ा विवाद
दरअसल घसौला और बरसो गांव के पास महा सिद्धेश्वर श्री आत्मा प्रकाश जी खड़ेश्वरी बाबा का आश्रम एवं धर्मशाला स्थित है। घसौला गांव के लोगों ने मंदिर परिसर में ‘दानदाता (भामाशाह) प्रताप सिंह, ग्यासी राम, जगन सिंह’ लिखकर बोर्ड लगाया, जिस पर बरसो गांव के लोगों ने आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग मंदिर पर एकत्र हो गए और विवाद बढ़ गया।
पुलिस ने समझाइश कर कराया शांत
सीओ ग्रामीण कन्हैया लाल चौधरी ने बताया कि मंदिर में दोनों गांवों के लोग पूजा-पाठ करते हैं। बोर्ड लगाने के प्रयास को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मौके से भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन संभावित तनाव को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रखा गया है।