लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
तम्बाकू माफीया बैखौफ एमआरपी से ऊपर धड़ल्ले से बिक रहा है गुटखा, सिगरेट,पान मसाला,
नागौर। इन दिनों नागौर शहर में बीडी सिगरेट,पान मसाला, गुटखा कालाबाजारी चरम सीमा पर है। केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा हालिया बजट में तम्बाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाया गया है जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा लेकिन इससे पहले मुनाफा खोर दुकानदारों ने कानून को ठेंगा दिखाते हुए आमजन की जब पर सीधा वार करना शुरू कर दिया है । शहर के थोक बड़े दुकानदारों द्वारा 1-2 महिने पहले से ही एमआरपी की दरों से अधिक दरों पर माल बेचा जा रहा है। नतिजा यह की छोटे दुकानदार मजबुरी में महेंगे दाम पर गुटखा बीड़ी सिगरेट खरीदने में विवश हैं ओर फिर वही अतिरिक्त बोझ उपभोक्ता पर डालकर खुले आम कालाबाजारी को अंजाम दे रहे हैं। हालाक यह कि 5 वाली सिगरेट 6-7 रुपए में ओर 10 वाली सिगरेट 12-13 रूपये ओर 5 रूपये का गुटखा 7 रूपये ओर 10 रूपये का गुटखा 12 रूप में धल्ले से बेचा जा रहा है। सबसे गम्भीर पहलु यह है कि सब-कुछ दिन दहाड़े बाजार में हों रहा है लेकिन सम्बंधित विभागों की ओर से ना कोई ठोस कार्रवाई होती है ओर नहीं नियमित जांच ,इसलिए तम्बाकू माफीयाओं के हौसले बुलंद हैं ओर वह नियम कानून को मज़ाक समझ बैठे हैं ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब बढ़ा हुआ टेस्ट अभी लागू हुआ तो फिर एमआरपी से ऊपर वसुली किस नियम के तहत की जा रही है। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या फिर किसी जनाक्रोश का इंतजार कर रहा है। अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई नागौर में यह कारोबार ओर गहरायेगा तथा आमजन इसी तरह लुटका रहेगा अब देखना है यह कि प्रशासन शिंकजा कसता है या फिर तम्बाकू माफीया यू ही बैखौफ होकर कानुन को चुनौती देंगे।








































